नई दिल्ली. राजस्थान में Municipal Corporation Election 2026 के बीच जयपुर में नया राजनीतिक समीकरण सामने आया है। राजधानी के शास्त्री नगर स्थित भट्टा बस्ती में आयोजित जनसभा में AIMIM प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी और RLP सुप्रीमो व नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल एक साथ मंच पर नजर आए। दोनों नेताओं ने आगामी नगर निगम चुनाव को लेकर अपने गठबंधन का औपचारिक ऐलान किया। जनसभा में दोनों नेताओं ने जयपुर की बुनियादी सुविधाओं, नगर निगम की कार्यप्रणाली और राज्य सरकार की नीतियों को लेकर कई सवाल उठाए।
जयपुर की बदहाल सड़कों को लेकर ओवैसी का हमला
जनसभा को संबोधित करते हुए असदुद्दीन ओवैसी ने जयपुर के पुराने शहर यानी परकोटे की स्थिति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक क्षेत्र में प्रवेश के दौरान उन्हें कई जगह खराब सड़कें, गड्ढे और कचरे की समस्या दिखाई दी।
ओवैसी ने कहा कि जयपुर के लोग किसी तरह की लग्जरी सुविधा की मांग नहीं कर रहे हैं। उनकी प्राथमिक जरूरतें साफ सड़कें, पीने का पानी, बेहतर Sewerage System और Drainage System जैसी बुनियादी सुविधाएं हैं।
उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के गरीब और अल्पसंख्यक बहुल इलाकों में मूलभूत सुविधाओं की स्थिति संतोषजनक नहीं है। ओवैसी ने सवाल उठाया कि जब लोग नियमित रूप से टैक्स का भुगतान करते हैं, तो नगर निगम और विकास के लिए उपलब्ध फंड का इस्तेमाल किस तरह किया जा रहा है।
CAG रिपोर्ट का हवाला देकर उठाए सवाल
ओवैसी ने अपने भाषण में CAG Report का हवाला देते हुए राजस्थान के शहरी क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को लेकर सवाल उठाए। उनके मुताबिक, सरकारी आंकड़ों में शहरों से निकलने वाले कचरे के केवल एक हिस्से के ही उचित processing और disposal की बात सामने आती है।
उन्होंने कहा कि Waste Management जैसी बुनियादी व्यवस्था को मजबूत करना नगर निकायों की प्रमुख जिम्मेदारी है। ओवैसी ने राज्य सरकार और नगर निगम प्रशासन से यह स्पष्ट करने की मांग की कि जनता से मिलने वाले टैक्स और विकास राशि का इस्तेमाल जमीनी स्तर पर कितना हो रहा है।
स्कूल, अस्पताल और महिला सुरक्षा पर भी सरकार को घेरा
AIMIM प्रमुख ने शिक्षा और स्वास्थ्य व्यवस्था को लेकर भी राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने हाल में सामने आई सरकारी स्कूल की दीवार गिरने की घटना का जिक्र करते हुए बच्चों की सुरक्षा पर सवाल उठाए।
ओवैसी ने दावा किया कि प्रदेश में कई सरकारी स्कूल भवनों और कक्षाओं को मरम्मत की जरूरत है। उन्होंने सरकार से Government School Infrastructure पर गंभीरता से काम करने की मांग की।
स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर भी उन्होंने सरकारी अस्पतालों में डॉक्टरों और दवाइयों की उपलब्धता से जुड़े मुद्दे उठाए। इसके साथ ही महिला सुरक्षा के आंकड़ों का हवाला देते हुए उन्होंने राज्य सरकार की कानून व्यवस्था पर भी सवाल खड़े किए।
‘100 करोड़ रुपये कहां गए?’ ओवैसी ने उठाया सवाल
जयपुर के ऐतिहासिक परकोटे के विकास और सौंदर्यीकरण के लिए घोषित 100 करोड़ रुपये के फंड का मुद्दा भी जनसभा में प्रमुखता से उठा। ओवैसी ने सवाल किया कि यदि इतनी बड़ी राशि विकास कार्यों के लिए निर्धारित की गई थी, तो फिर कई इलाकों में सड़क और सीवर की समस्याएं क्यों बनी हुई हैं।
उन्होंने कहा कि विकास योजनाओं की घोषणा और उनके वास्तविक क्रियान्वयन के बीच अंतर नहीं होना चाहिए। ओवैसी ने कांग्रेस और भाजपा दोनों पर जयपुर की जनता को राजनीतिक रूप से इस्तेमाल करने का आरोप लगाया और इस बार मतदाताओं से AIMIM-RLP गठबंधन के उम्मीदवारों को समर्थन देने की अपील की।
हनुमान बेनीवाल बोले- राजस्थान में तीसरे मोर्चे को मजबूत करेंगे
RLP प्रमुख हनुमान बेनीवाल ने मंच से असदुद्दीन ओवैसी का स्वागत किया और गठबंधन को जयपुर नगर निगम चुनाव के लिए एक नया राजनीतिक विकल्प बताया। उन्होंने कहा कि राजस्थान का युवा और किसान बदलाव की उम्मीद कर रहा है।
बेनीवाल ने कहा कि RLP-AIMIM Alliance के कार्यकर्ता मिलकर अलग-अलग वार्डों में जनता के मुद्दे उठाएंगे। उन्होंने नगर निगम में भ्रष्टाचार के खिलाफ आवाज बुलंद करने और स्थानीय समस्याओं को प्राथमिकता देने की बात कही।
घर-घर प्रचार का कार्यकर्ताओं से आह्वान
सभा के दौरान दोनों दलों के नेताओं ने अपने कार्यकर्ताओं से गठबंधन के उम्मीदवारों के पक्ष में घर-घर जाकर प्रचार करने की अपील की। नेताओं ने हक, इंसाफ और विकास के मुद्दे को चुनावी अभियान का आधार बनाने की बात कही।
जयपुर नगर निगम चुनाव के बीच AIMIM और RLP का यह गठबंधन राजस्थान की स्थानीय राजनीति में एक नए समीकरण के तौर पर देखा जा रहा है। अब चुनावी मैदान में यह गठबंधन कितना प्रभाव डालता है, इसका फैसला मतदाताओं के रुख से होगा।

