नई दिल्ली. 12 जून को अहमदाबाद में हुए Air India Flight 171 crash की जांच रिपोर्ट पर सुप्रीम कोर्ट ने गंभीर आपत्तियां जताई हैं। कोर्ट ने Aircraft Accident Investigation Bureau (AAIB) की प्रारंभिक रिपोर्ट को “गैर-जिम्मेदाराना” करार देते हुए कहा कि इस तरह के निष्कर्ष न तो निष्पक्ष हैं और न ही पारदर्शी। इसके साथ ही कोर्ट ने केंद्र और Directorate General of Civil Aviation (DGCA) को नोटिस जारी किया है।
NGO की मांग: निष्पक्ष और समयबद्ध जांच
एनजीओ Safety Matters Foundation की ओर से एडवोकेट प्रशांत भूषण ने दलील दी कि जांच पैनल में DGCA के तीन सदस्य शामिल हैं, जिससे conflict of interest की आशंका बढ़ती है। भूषण ने Digital Flight Data Recorder (DFDR) के पूरे डेटा तक पहुंच की भी मांग की, ताकि दुर्घटना के असली कारणों का खुलासा हो सके।
गोपनीयता और निष्पक्षता पर जोर
जस्टिस सूर्यकांत और जस्टिस एन. कोटिश्वर सिंह की बेंच ने कहा कि भले ही अंतिम रिपोर्ट जरूरी है, लेकिन कुछ डेटा का दुरुपयोग rival airlines कर सकती हैं। कोर्ट ने साफ किया –
“हम केवल इस पहलू पर नोटिस जारी कर रहे हैं कि जांच निष्पक्ष, स्वतंत्र और समयबद्ध तरीके से हो।”
Petition में क्या आरोप लगाए गए?
कैप्टन अमित सिंह के नेतृत्व वाली NGO ने याचिका में कहा कि यह जांच नागरिकों के fundamental rights का उल्लंघन करती है। याचिका में आरोप लगाया गया कि AAIB रिपोर्ट ने हादसे की जिम्मेदारी सीधे pilots’ error पर डाल दी, जबकि जरूरी डेटा जैसे –DFDR output, Cockpit Voice Recorder (CVR) transcripts, Electronic Aircraft Fault Recording (EAFR) data
को सार्वजनिक नहीं किया गया।
AAIB रिपोर्ट ने क्या कहा?
12 जुलाई को जारी AAIB की preliminary report के मुताबिक, उड़ान भरने के कुछ सेकंड बाद ही दोनों इंजन के fuel control switches को RUN से CUTOFF पर कर दिया गया था।
CVR रिकॉर्डिंग में एक पायलट दूसरे से पूछता है – “Why did you cut off?”
जवाब आता है – “I did not.”
यह बताता है कि उस वक्त कॉकपिट में भारी भ्रम की स्थिति थी।
Air India Flight 171 Crash: क्या हुआ था उस दिन?
तारीख: 12 जून 2025
विमान: Boeing 787-8 Dreamliner
स्थान: Sardar Vallabhbhai Patel International Airport, Ahmedabad
गंतव्य: London Gatwick Airport
यात्री: 242 (230 यात्री + 12 क्रू सदस्य)
मौतें: विमान में सवार सभी लोगों में से केवल 1 व्यक्ति ही बच पाया, जबकि 19 लोग जमीन पर भी मारे गए।
Air India Crash 2025 भारत की एविएशन इंडस्ट्री के लिए सबसे बड़े हादसों में से एक है। सुप्रीम कोर्ट की सख्ती के बाद अब सबकी निगाहें इस पर टिकी हैं कि क्या जांच सही मायनों में पारदर्शी और निष्पक्ष होगी, या फिर यह भी एक अधूरी रिपोर्ट बनकर रह जाएगी।
