नई दिल्ली. केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने शनिवार को दिल्ली पुलिस मुख्यालय में वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के साथ उच्चस्तरीय बैठक की। इस बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल और मुख्यमंत्री भी शामिल हुए। बैठक के दौरान राजधानी की कानून-व्यवस्था, महिला सुरक्षा, पुलिसकर्मियों पर हमलों और पिछले पांच महीनों में हुए विरोध प्रदर्शनों समेत कई अहम मुद्दों पर चर्चा की गई।
गृह मंत्री ने दिल्ली पुलिस के पिछले पांच वर्षों के प्रदर्शन की रिपोर्ट की भी समीक्षा की। बैठक में पुलिस की कार्यप्रणाली, अपराध पर नियंत्रण और आम लोगों के साथ पुलिस के सीधे संवाद को मजबूत करने जैसे विषयों पर भी विचार-विमर्श हुआ।
ड्रग्स, गैंगवार और अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई पर चर्चा
बैठक में दिल्ली की मौजूदा कानून-व्यवस्था की स्थिति का जायजा लिया गया। अधिकारियों ने नशीले पदार्थों के कारोबार, गैंगवार और गैंगस्टरों के खिलाफ की गई कार्रवाई की जानकारी साझा की। इसके अलावा पुलिस और आम जनता के बीच संपर्क बेहतर बनाने के उपायों पर भी चर्चा हुई।
इस बैठक में दिल्ली पुलिस आयुक्त के साथ सभी स्पेशल सीपी, ज्वाइंट सीपी और डीसीपी शामिल हुए। स्पेशल सेल और क्राइम ब्रांच के अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया।
बैठक में महिला सुरक्षा और ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों पर होने वाले हमलों जैसे मुद्दों को भी प्रमुखता से उठाया गया। राजधानी में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और पुलिस की जवाबदेही को लेकर हुई यह समीक्षा ऐसे समय में हुई है, जब दिल्ली में विभिन्न मुद्दों पर विरोध प्रदर्शन जारी हैं।
SIR को लेकर विपक्ष और छात्र संगठनों के प्रदर्शन के बीच बैठक
अमित शाह की यह बैठक ऐसे समय हुई है, जब निर्वाचन आयोग की ओर से मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर विपक्षी दल और छात्र संगठन विरोध जता रहे हैं।
विपक्षी दलों ने SIR प्रक्रिया में कथित अनियमितताओं के आरोप लगाए हैं और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग की है।
शुक्रवार को वामपंथी दलों और छात्र नेताओं ने बंगला साहिब गुरुद्वारे के पास मार्च निकालकर मुख्य चुनाव आयुक्त को पद से हटाने और SIR प्रक्रिया का विरोध किया। प्रदर्शनकारियों के जंतर-मंतर की ओर बढ़ने की आशंका को देखते हुए दिल्ली ट्रैफिक पुलिस ने दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक के लिए यातायात संबंधी एडवाइजरी जारी की थी।
पुलिस ने यात्रियों को प्रभावित सड़कों से बचने, यात्रा की योजना पहले बनाने और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करने की सलाह दी थी।
जामिया के पांच छात्रों की भूख हड़ताल 13वें दिन भी जारी
दिल्ली में विरोध प्रदर्शनों का असर विश्वविद्यालय परिसरों में भी देखने को मिल रहा है। जामिया मिल्लिया इस्लामिया (JMI) के पांच छात्रों की भूख हड़ताल शनिवार को 13वें दिन में प्रवेश कर गई।
प्रदर्शनकारी छात्र जामिया मिल्लिया इस्लामिया छात्र संघ (JMISU) को बहाल करने और विश्वविद्यालय के चीफ प्रॉक्टर को हटाने की मांग कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि प्रदर्शन के दौरान उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की गई।
भूख हड़ताल पर बैठे छात्र जासिम अली खान ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर प्रदर्शनकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आरोप लगाया। उन्होंने निलंबित छात्रों का निलंबन रद्द करने की भी मांग की।
1 नवंबर को रामलीला मैदान में रैली करेगी कांग्रेस
इस बीच, कांग्रेस सांसद जेबी माथेर ने शनिवार को कहा कि कांग्रेस और INDIA गठबंधन के सहयोगी दल 1 नवंबर को दिल्ली के रामलीला मैदान में रैली करेंगे।
उन्होंने बताया कि रैली के जरिए मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे की मांग उठाई जाएगी। यह मांग मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) को लेकर विपक्ष की ओर से लगाए जा रहे आरोपों के संदर्भ में की जा रही है।
दिल्ली में कानून-व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ विरोध प्रदर्शनों और यातायात प्रबंधन से जुड़े घटनाक्रम भी राजधानी में प्रशासन और पुलिस के लिए महत्वपूर्ण बने हुए हैं।
