शिमला. हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस (Congress) की सुक्खू सरकार में नए (AG/महाधिवक्ता) पद पर एडवोकेट अनूप कुमार रत्न (Advocate Anup Kumar Rattan) को नियुक्त किया है. मंगलवार देर शाम मुख्य सचिव ने उनकी नियुक्ति को लेकर अधिसूचना जारी कर दी है. इससे पहले भी पूर्व की वीरभद्र सरकार में भी अनूप रतन को एडिशनल एडवोकेट जनरल बनाया गया था.
लंबा अनुभव
अनूप रत्न अब अशोक शर्मा का स्थान लेंगे. महाधिवक्ता के पद पर नियुक्ति होने के बाद अब जल्द ही अतिरिक्त महाधिवक्ता और उप महाधिवक्ता की नियुक्ति का भी रास्ता साफ हो गया है. सुक्खू सरकार ने 6-7 दिन के मंथन के बाद उन्हें AG लगाया है. पूर्व वीरभद्र सरकार में वह एडिशनल एडवोकेट जनरल (AAG) रह चुके हैं. पूर्व की UPA-2 सरकार में भारत सरकार को हिमाचल हाईकोर्ट में स्टेंडिंग काउंसिल के तौर पर रिप्रजेंट कर चुके हैं.
अनूप रत्न 1998 में हिमाचल प्रदेश विश्वविद्यालय से लॉ-ग्रेजुएट हैं. साल 1999 से लेकर वह हाईकोर्ट में वकालत कर रहे हैं. इनके पिता ने भी ऊना के अंब शहर में लंबे समय तक वकालत की है. इनकी पारिवारिक पृष्ठभूमि कानून से जुड़ी रही है.
अनूप सुखविंदर सुक्खू को मानते हैं राजनीतिक गुरु
अनूप रत्न मूल रूप से चिंतपूर्णी के भरवाईं के रहने वाले हैं. वह कॉलेज-यूनिवर्सिटी में छात्र राजनीति में काफी सक्रिय रहे हैं. उन्होंने शाहपुर से विधायक केवल सिंह पठानिया के साथ NSUI की राज्य कार्यकारिणी में लंबे समय तक काम किया है. वह सुखविंदर सुक्खू के काफी करीबी माने जाते हैं और उन्हें अपना राजनीतिक गुरु मानते हैं.
कई PIL लगा चुके हैं अनूप रत्न
अनूप रत्न समय-समय पर हाईकोर्ट में जनहित याचिकाएं (PIL) लगाते रहे हैं. ऐसी ही एक PIL उन्होंने 2018 में जोगेंद्रनगर सिविल अस्पताल को लेकर लगाई थी, जिस पर अदालत ने 6 माह के अंदर 18 में से 11 डॉक्टर की तैनाती के आदेश दिए थे.
कई अखबारों में पत्रकारिता कर चुके
अनूप रत्न कई अंग्रेजी व हिंदी अखबारों में बतौर लीगल कॉरेसपोंडेंट भी सेवाएं दे चुके हैं. अब उन पर अगले 5 साल कोर्ट में सरकार का पक्ष रखने का दबाव रहेगा. AG और एडिशनल एडवोकेट जनरल हाईकोर्ट समेत अन्य अदालतों में सरकार के विभिन्न मामलों की पैरवी करते हैं. इसी वजह से AG और AAG को कोर्ट में सरकार का फेस कहा जाता है.
