नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने केंद्रीय मंत्री हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश में होने वाले राज्यसभा उपचुनाव के लिए अपना उम्मीदवार घोषित किया है। पार्टी की केंद्रीय चुनाव समिति ने 28 अक्टूबर को जारी प्रेस विज्ञप्ति में उनके नाम पर मुहर लगाई। यह उपचुनाव पूर्व केंद्रीय मंत्री एल. मुरुगन के राज्यसभा से इस्तीफा देने के बाद खाली हुई सीट पर कराया जा रहा है। चुनाव के लिए मतदान 12 नवंबर को होगा।
एल. मुरुगन ने इस महीने की शुरुआत में राज्यसभा की सदस्यता और केंद्रीय मंत्रिपरिषद से इस्तीफा दिया था। बताया गया कि वह तमिलनाडु में भाजपा के संगठन को मजबूत करने पर ध्यान केंद्रित करना चाहते हैं। उनके इस्तीफे के बाद खाली हुई सीट पर अब हरदीप सिंह पुरी की उम्मीदवारी से राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं।
हरदीप सिंह पुरी को दोबारा राज्यसभा पहुंचाने की कोशिश
हरदीप सिंह पुरी को मध्य प्रदेश से उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला ऐसे समय आया है, जब भाजपा ने हाल में उत्तर प्रदेश से राज्यसभा चुनाव के लिए घोषित उम्मीदवारों की सूची में उनका नाम शामिल नहीं किया था। पुरी का मौजूदा राज्यसभा कार्यकाल 25 नवंबर को समाप्त होने वाला है। ऐसे में मध्य प्रदेश की खाली सीट उनके लिए उच्च सदन में नई सदस्यता हासिल करने का अवसर बन सकती है।
यदि पुरी उपचुनाव जीतते हैं, तो उन्हें राज्यसभा में नया कार्यकाल मिल सकता है। हालांकि, उनकी उम्मीदवारी के साथ केंद्रीय मंत्रिमंडल में संभावित फेरबदल को लेकर भी चर्चाएं हो रही हैं। पिछले कुछ महीनों में कई केंद्रीय राज्य मंत्रियों के पद छोड़ने के बाद मंत्रिमंडल में बदलाव की अटकलें लगाई गई हैं। फिलहाल भाजपा ने पुरी की उम्मीदवारी के साथ उनके मंत्रालय या अन्य मंत्रियों की जिम्मेदारियों में किसी बदलाव की घोषणा नहीं की है।
मध्य प्रदेश भाजपा में कई नामों पर हुई थी चर्चा
हरदीप सिंह पुरी के नाम की घोषणा से पहले मध्य प्रदेश भाजपा के नेताओं के बीच संभावित उम्मीदवारों को लेकर विचार-विमर्श हुआ था। रिपोर्टों के मुताबिक, राज्य नेतृत्व उम्मीदवारों के नामों का एक पैनल केंद्रीय नेतृत्व को भेजने की तैयारी कर रहा था। इस सूची में मध्य प्रदेश के नेताओं के साथ दूसरे राज्यों से जुड़े नाम भी शामिल बताए गए थे।
अंतिम निर्णय पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व को लेना था। इसके बाद भाजपा की केंद्रीय चुनाव समिति ने पुरी को उम्मीदवार घोषित कर दिया। अब उपचुनाव की प्रक्रिया के दौरान उनके नामांकन और चुनाव से जुड़ी औपचारिकताएं पूरी की जाएंगी।
12 नवंबर को मतदान, उसी दिन होगी मतगणना
मध्य प्रदेश की इस राज्यसभा सीट के लिए निर्वाचन आयोग ने 12 नवंबर को मतदान निर्धारित किया है। चुनाव कार्यक्रम के अनुसार, नामांकन की प्रक्रिया 26 अक्टूबर से शुरू हो चुकी है और उम्मीदवार 2 नवंबर तक नामांकन पत्र दाखिल कर सकते हैं। नामांकन पत्रों की जांच 3 नवंबर को होगी, जबकि नाम वापस लेने की अंतिम तारीख 5 नवंबर तय की गई है। मतदान के बाद उसी दिन मतगणना भी होगी।
यह सीट मूल रूप से 2030 तक के कार्यकाल के लिए थी। राज्यसभा के सदस्यों का चुनाव आम मतदाता सीधे नहीं करते, बल्कि संबंधित राज्य की विधानसभा के निर्वाचित विधायक मतदान करते हैं। मध्य प्रदेश में भाजपा की सरकार होने के कारण इस चुनाव में विधानसभा में दलों की संख्या और विधायकों का समर्थन महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
तमिलनाडु में भाजपा संगठन पर ध्यान देंगे एल. मुरुगन
एल. मुरुगन के इस्तीफे के बाद यह सीट खाली हुई है। उनके राजनीतिक फोकस में बदलाव को तमिलनाडु में भाजपा के संगठनात्मक विस्तार की कोशिशों से जोड़कर देखा जा रहा है। पार्टी राज्य में अपनी राजनीतिक और संगठनात्मक मौजूदगी मजबूत करने की दिशा में काम कर रही है।
ऐसे में मध्य प्रदेश से हरदीप सिंह पुरी को उम्मीदवार बनाए जाने का फैसला राज्यसभा की खाली सीट भरने के साथ-साथ पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व की रणनीति के लिहाज से भी महत्वपूर्ण है। अब सभी की नजर 12 नवंबर को होने वाले मतदान और चुनाव परिणाम पर रहेगी।

