नई दिल्ली. राजस्थान के नगर निगमों में हुए महापौर चुनाव के नतीजों में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने छह नगर निगमों में जीत दर्ज की है, जबकि कांग्रेस को एक निगम में सफलता मिली है। सोमवार को हुए चुनावों में BJP ने अजमेर, अलवर, उदयपुर और पाली में मतदान के जरिए महापौर पद हासिल किया, जबकि भरतपुर और भीलवाड़ा में उसके उम्मीदवार निर्विरोध चुने गए। वहीं बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला महापौर चुने गए।
अलवर में BJP की सुमनलता अग्रवाल बनीं मेयर
अलवर नगर निगम के 65 वार्डों में BJP के पास 28 पार्षद थे, जबकि कांग्रेस के 23 पार्षद थे। इसके अलावा निर्दलीयों के पास 13 और BSP के पास एक सीट थी। महापौर चुनाव में BJP की सुमनलता अग्रवाल को 42 वोट मिले और उन्होंने जीत दर्ज की।
अलवर में BJP को अपने पार्षदों की संख्या से अधिक वोट मिले, जिससे निर्दलीय पार्षदों के समर्थन की भूमिका सामने आई। उपलब्ध रिपोर्टों के अनुसार, BJP उम्मीदवार को सभी 14 निर्दलीय पार्षदों का समर्थन मिला।
उदयपुर में पार्षदों की संख्या के अनुरूप रहा परिणाम
उदयपुर नगर निगम में BJP के परस सिंहवी महापौर चुने गए। उन्हें 55 वोट मिले, जबकि कांग्रेस उम्मीदवार पूनम कुमार राठौड़ को 25 वोट प्राप्त हुए।
हाल में हुए वार्ड चुनावों में उदयपुर के 80 वार्डों में BJP ने 53 सीटें जीती थीं, जबकि कांग्रेस को 23 और निर्दलीयों को तीन सीटें मिली थीं। एक सीट पर CPM उम्मीदवार विजयी हुआ था।
अजमेर में कांग्रेस के अधिक पार्षद होने के बावजूद BJP उम्मीदवार जीतीं
अजमेर में कांग्रेस 80 सदस्यीय निगम में 37 पार्षदों के साथ सबसे बड़ी पार्टी थी। BJP के पास 32 और निर्दलीयों के पास 11 पार्षद थे। इसके बावजूद BJP की अनामिका शर्मा ने 43 वोट हासिल कर महापौर का चुनाव जीत लिया। कांग्रेस उम्मीदवार को 37 वोट मिले।
इस परिणाम में निर्दलीय पार्षदों की भूमिका महत्वपूर्ण रही, क्योंकि BJP की अपनी संख्या बहुमत के आंकड़े तक नहीं पहुंचती थी।
पाली में भी बदला चुनावी गणित
पाली नगर निगम में कांग्रेस के 29 पार्षद थे, BJP के 21 और निर्दलीयों के 15 पार्षद थे। इसके बावजूद BJP की नमिता बूबाकिया महापौर चुनी गईं। उन्हें 33 वोट मिले। रिपोर्टों के अनुसार, 15 में से 12 निर्दलीय पार्षदों ने BJP उम्मीदवार का समर्थन किया।
इस तरह पाली में भी वार्ड चुनाव में सबसे ज्यादा सीटें हासिल करने वाली पार्टी और महापौर चुनाव के परिणाम में अंतर देखने को मिला।
भरतपुर और भीलवाड़ा में निर्विरोध चुनाव
भरतपुर और भीलवाड़ा में BJP के उम्मीदवार महापौर पद पर निर्विरोध चुने गए। भरतपुर में निर्दलीय पार्षदों ने बड़ी संख्या में वार्ड जीते थे, लेकिन BJP की उम्मीदवार अनुराधा सिंह निर्विरोध महापौर चुनी गईं। भीलवाड़ा में भी BJP उम्मीदवार निर्विरोध चुना गया।
इस तरह मतदान वाले चार नगर निगमों के अलावा इन दोनों निगमों में भी BJP ने महापौर पद अपने नाम किया।
बीकानेर में कांग्रेस के अनिल कल्ला जीते
सात नगर निगमों में कांग्रेस को सिर्फ बीकानेर में महापौर पद मिला। कांग्रेस उम्मीदवार अनिल कल्ला ने BJP के सुरेंद्र सिंह शेखावत को 50-30 के अंतर से हराया।
बीकानेर के 80 सदस्यीय निगम में कांग्रेस के पास 42 पार्षद थे, जबकि BJP के 27 और निर्दलीयों के 10 पार्षद थे। RLP का भी एक पार्षद था। अनिल कल्ला को कांग्रेस के कुल 42 पार्षदों से अधिक वोट मिले।
2026 के निकाय चुनावों के बाद महापौर चुनाव
राजस्थान के इन निकाय चुनावों में महापौर और अन्य स्थानीय निकाय प्रमुखों के चुनाव का परिणाम कई जगह वार्ड स्तर के आंकड़ों से अलग रहा। खासतौर पर अजमेर, अलवर और पाली में निर्दलीय पार्षदों के समर्थन ने महापौर चुनाव में समीकरण बदलने में भूमिका निभाई।
राज्य के 301 शहरी स्थानीय निकायों में अब तक BJP ने 197 बोर्ड बनाए हैं, जबकि कांग्रेस ने 94 निकायों में बोर्ड गठित किए हैं। निर्दलीय उम्मीदवारों ने सात शीर्ष पद हासिल किए हैं, जबकि AAP, CPI(M) और RLP को एक-एक पद मिला है।
कांग्रेस ने लगाए चुनाव प्रक्रिया को लेकर आरोप
कांग्रेस नेता और राजस्थान विधानसभा में विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने चुनाव के दौरान आरोप लगाया था कि कुछ कांग्रेस पार्षदों को हिरासत में रखा गया और मतदान प्रभावित करने की कोशिश की गई। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक प्रक्रिया में हस्तक्षेप बताया।
इन आरोपों पर BJP या राज्य सरकार की ओर से संबंधित रिपोर्ट में कोई जवाब दर्ज नहीं है। इसलिए इन दावों को आरोप के रूप में ही देखा जाना चाहिए।
जयपुर, जोधपुर और कोटा में 25 सितंबर को चुनाव
राजस्थान में तीन प्रमुख नगर निगमों के महापौर चुनाव अभी बाकी हैं। जयपुर, जोधपुर और कोटा नगर निगमों में महापौर पद के लिए चुनाव 25 सितंबर 2026 को होंगे और उसी दिन परिणाम घोषित किए जाएंगे।
इससे राजस्थान के शहरी निकाय चुनावों की प्रक्रिया का अगला महत्वपूर्ण चरण इन तीन नगर निगमों में पूरा होगा।

