नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश में आगामी Rajya Sabha Elections को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को राज्य की 10 राज्यसभा सीटों पर होने वाले चुनाव के लिए अपने आठ उम्मीदवारों के नाम घोषित कर दिए। पार्टी ने इस बार कई नए चेहरों पर भरोसा जताया है, जबकि मौजूदा राज्यसभा सांसदों में से कुछ नेताओं को टिकट नहीं दिया गया है। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ ही BJP की चुनावी रणनीति भी काफी हद तक स्पष्ट हो गई है।
BJP ने उत्तर प्रदेश के विधायक Dharampal Singh के अलावा वरिष्ठ नेताओं Radhakant Ojha, Gopi Krishna Pandey और Prakash Pal को राज्यसभा चुनाव के मैदान में उतारा है। पार्टी ने पूर्व लोकसभा सांसद और उत्तर प्रदेश के पूर्व विधायक Vidyasagar Sonkar को भी टिकट दिया है। Sonkar को उत्तर प्रदेश में BJP के प्रमुख Dalit face के तौर पर देखा जाता है। ऐसे में उन्हें राज्यसभा उम्मीदवार बनाए जाने को पार्टी की सामाजिक समीकरण साधने की रणनीति से जोड़कर देखा जा रहा है।
पार्टी ने पूर्व लोकसभा सांसद Priyanka Singh Rawat और वरिष्ठ नेता Ram Pratap Singh Chauhan को भी राज्यसभा का टिकट दिया है। Chauhan लंबे समय से उत्तर प्रदेश में पार्टी के जमीनी स्तर के अभियानों में सक्रिय रहे हैं। इसके अलावा वरिष्ठ BJP नेता और वर्तमान Jharkhand Governor Santosh Kumar Gangwar की बेटी Shruti Gangwar को भी उम्मीदवार बनाया गया है।
Hardeep Puri और BL Verma का टिकट कटा
BJP की सूची में सबसे ज्यादा चर्चा उन नेताओं को टिकट नहीं मिलने की है, जो पहले से Rajya Sabha के सदस्य हैं। केंद्रीय Petroleum and Natural Gas Minister Hardeep Singh Puri को इस बार पार्टी ने उत्तर प्रदेश से राज्यसभा उम्मीदवार नहीं बनाया है। इसी तरह Union Minister of State for Consumer Affairs Banwari Lal Verma का भी टिकट काट दिया गया है।
इसके अलावा BJP के पूर्व राष्ट्रीय महासचिव Arun Singh को भी इस बार उम्मीदवार नहीं बनाया गया। राज्यसभा सदस्य Geeta Shakya, Seema Dwivedi और पूर्व प्रधानमंत्री Chandra Shekhar के बेटे Neeraj Shekhar को भी पार्टी की नई सूची में जगह नहीं मिली है। ऐसे में BJP की उम्मीदवारों की सूची को संगठन में नए चेहरों को आगे बढ़ाने और सामाजिक समीकरणों को साधने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
BJP के पास आठों सीट जीतने की ताकत
उत्तर प्रदेश में होने वाले Rajya Sabha चुनाव में कुल 10 सीटों पर मतदान होना है। मौजूदा संख्या बल के लिहाज से BJP के पास आठ सीटों पर अपने उम्मीदवारों को Upper House भेजने की पर्याप्त ताकत है। यही वजह है कि पार्टी ने आठ उम्मीदवार मैदान में उतारकर अपनी स्थिति मजबूत करने की कोशिश की है।
हालांकि विपक्षी समाजवादी पार्टी (SP) ने भी तीन उम्मीदवार उतारने की तैयारी की है। संख्या बल के लिहाज से SP के पास फिलहाल दो उम्मीदवारों को आसानी से राज्यसभा भेजने की क्षमता बताई जा रही है, लेकिन पार्टी तीसरी सीट के लिए cross-voting की रणनीति पर भरोसा कर सकती है।
SP पहले ही वरिष्ठ नेता Ram Gopal Yadav और Reliance Industries के executive Dhanraj Parimal Nathwani को उम्मीदवार घोषित कर चुकी है। पार्टी की ओर से तीसरे उम्मीदवार के नाम का ऐलान किया जाना बाकी है। SP नेताओं का दावा है कि वह उसी रणनीति के जरिए अपने तीनों उम्मीदवारों को चुनाव जिताने की कोशिश करेगी, जिसका आरोप BJP पर पिछले Rajya Sabha चुनावों में लगाया जाता रहा है।
16 अक्टूबर को होगा मतदान
उत्तर प्रदेश की 10 राज्यसभा सीटों के लिए 16 October को मतदान होगा। वोटिंग सुबह 9 बजे से शाम 4 बजे तक चलेगी और उसी दिन मतगणना भी की जाएगी। चुनाव में BJP के आठ उम्मीदवारों की घोषणा के बाद अब मुकाबला मुख्य रूप से इस बात पर केंद्रित हो गया है कि क्या BJP अपनी संख्या के मुताबिक सभी आठ सीटों पर जीत दर्ज कर पाएगी या SP तीसरी सीट के लिए जरूरी समर्थन जुटाने में सफल होगी।
राज्यसभा चुनाव में MLA votes और संभावित cross-voting की भूमिका महत्वपूर्ण हो सकती है। ऐसे में BJP और SP दोनों अपने-अपने उम्मीदवारों के पक्ष में विधायकों को एकजुट रखने की रणनीति पर काम करेंगे। उम्मीदवारों की घोषणा के साथ उत्तर प्रदेश की राजनीति में राज्यसभा चुनाव को लेकर सियासी गणित और तेज हो गया है।
