नई दिल्ली. भारत की मेजबानी में आयोजित BRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों (NSAs) की 16वीं बैठक में सदस्य देशों ने आतंकवाद, साइबर हमलों और उभरते वैश्विक सुरक्षा खतरों से निपटने के लिए सहयोग को और मजबूत करने पर सहमति जताई। बैठक की अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval ने की।
यह उच्च स्तरीय बैठक राजधानी नई दिल्ली में आयोजित हुई, जिसमें BRICS देशों के शीर्ष सुरक्षा अधिकारियों ने भाग लिया। बैठक का उद्देश्य बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य में साझा रणनीति तैयार करना और आपसी समन्वय को मजबूत करना था।
सीमा पार चुनौतियों पर फोकस
बैठक में इस बात पर जोर दिया गया कि आज की सुरक्षा चुनौतियां सीमाओं से परे जा चुकी हैं। इसमें आतंकवाद, ऊर्जा सुरक्षा, खाद्य सुरक्षा, जलवायु परिवर्तन से उत्पन्न अस्थिरता और नई तकनीकों का दुरुपयोग प्रमुख मुद्दे रहे। अधिकारियों ने माना कि आतंकवादी संगठन अब डिजिटल तकनीक और साइबर माध्यमों का भी उपयोग कर रहे हैं, जिससे खतरे और जटिल हो गए हैं।
साइबर सुरक्षा और तकनीकी खतरों पर चर्चा
बैठक में विशेष रूप से सूचना और संचार प्रौद्योगिकी (ICT) के दुरुपयोग और साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत विचार-विमर्श हुआ। BRICS देशों ने साइबर जोखिमों से निपटने के लिए संयुक्त क्षमता निर्माण, सूचना साझाकरण और कानून प्रवर्तन एजेंसियों के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर बल दिया।
आतंकवाद के खिलाफ साझा प्रतिबद्धता
सभी सदस्य देशों ने आतंकवाद के सभी रूपों और अभिव्यक्तियों के खिलाफ अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। साथ ही यह भी कहा गया कि आतंकवाद को बढ़ावा देने वाली नई तकनीकों के उपयोग को रोकने के लिए वैश्विक सहयोग जरूरी है।
बैठक में इस बात पर भी सहमति बनी कि BRICS देशों की सुरक्षा एजेंसियों के बीच सहयोग को और प्रभावी बनाया जाएगा ताकि समय रहते खतरों की पहचान और रोकथाम की जा सके।
भारत की अध्यक्षता को मिला समर्थन
प्रतिनिधियों ने वर्ष 2026 में BRICS की अध्यक्षता को लेकर भारत के दृष्टिकोण का समर्थन किया। भारत ने अपनी अध्यक्षता के लिए “Building for Resilience, Innovation, Cooperation and Sustainability” थीम प्रस्तुत की है, जिसे सभी देशों ने सकारात्मक रूप से स्वीकार किया।
प्रधानमंत्री से मुलाकात
बैठक के समापन के बाद सभी NSAs ने प्रधानमंत्री Narendra Modi से शिष्टाचार भेंट भी की। इस दौरान वैश्विक सुरक्षा सहयोग को और मजबूत करने पर विचार साझा किए गए।
BRICS NSA बैठक ने यह स्पष्ट किया कि बदलते वैश्विक हालात में देशों के बीच सुरक्षा सहयोग पहले से कहीं अधिक महत्वपूर्ण हो गया है। आतंकवाद और साइबर खतरों से निपटने के लिए साझा रणनीति और तकनीकी सहयोग को आगे बढ़ाने पर सभी देशों ने एकमत से सहमति जताई।
