नई दिल्ली: वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य तेजी से बदल रहा है और पारंपरिक खतरों के साथ-साथ साइबर हमले, आतंकवाद, कृत्रिम बुद्धिमत्ता (AI) आधारित जोखिम तथा सूचना प्रौद्योगिकी से जुड़े नए खतरे दुनिया के सामने बड़ी चुनौती बनकर उभरे हैं। इन्हीं मुद्दों पर व्यापक चर्चा के लिए भारत आज से दो दिवसीय BRICS राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार (NSA) बैठक की मेजबानी कर रहा है।
बैठक का आयोजन नई दिल्ली में किया जा रहा है, जिसकी अध्यक्षता भारत के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार Ajit Doval करेंगे। इसमें BRICS सदस्य देशों के राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार और वरिष्ठ प्रतिनिधिमंडल भाग लेंगे।
गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियों पर रहेगा फोकस
बैठक का मुख्य विषय “आज की दुनिया के सामने मौजूद गैर-पारंपरिक सुरक्षा चुनौतियां” रखा गया है। इस दौरान सदस्य देश बदलते वैश्विक सुरक्षा माहौल, उभरते खतरों और उनसे निपटने की रणनीतियों पर अपने विचार साझा करेंगे।
विशेष रूप से साइबर सुरक्षा, डिजिटल अपराध, आतंकवाद, कट्टरपंथ, महत्वपूर्ण अवसंरचना की सुरक्षा और नई तकनीकों के दुरुपयोग जैसे मुद्दे चर्चा के केंद्र में रहेंगे।
नई तकनीकों से पैदा हो रहे खतरों पर मंथन
BRICS देशों के सुरक्षा प्रमुख कृत्रिम बुद्धिमत्ता, सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी, डेटा सुरक्षा और डिजिटल नेटवर्क से जुड़े नए जोखिमों पर भी विचार-विमर्श करेंगे।
विशेषज्ञों का मानना है कि तकनीकी प्रगति ने जहां विकास के नए अवसर पैदा किए हैं, वहीं साइबर हमलों, डिजिटल जासूसी और ऑनलाइन आतंकवादी गतिविधियों जैसी चुनौतियों को भी बढ़ाया है। ऐसे में सदस्य देशों के बीच सहयोग और सूचना साझा करना पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गया है।
आतंकवाद विरोधी सहयोग पर होगी समीक्षा
बैठक में हाल ही में आयोजित BRICS संयुक्त कार्य समूहों (Joint Working Groups) की रिपोर्टों की भी समीक्षा की जाएगी। इनमें आतंकवाद-रोधी सहयोग और सूचना एवं संचार प्रौद्योगिकी के सुरक्षित उपयोग से संबंधित कार्य समूह शामिल हैं।
सदस्य देश आतंकवादी नेटवर्क, वित्तपोषण के स्रोतों और सीमा पार होने वाली गतिविधियों से निपटने के लिए आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर चर्चा करेंगे।
वैश्विक सुरक्षा एजेंडे में BRICS की बढ़ती भूमिका
BRICS समूह में Brazil, Russia, India, China और South Africa सहित नए सदस्य देश भी शामिल हैं। यह समूह वैश्विक आर्थिक और रणनीतिक मुद्दों पर लगातार अपनी भूमिका मजबूत कर रहा है।
विशेषज्ञों के अनुसार, मौजूदा भू-राजनीतिक परिस्थितियों और बढ़ते साइबर खतरों के बीच यह बैठक सदस्य देशों के बीच सुरक्षा सहयोग को नई दिशा दे सकती है।
भारत की बढ़ती कूटनीतिक भूमिका
भारत द्वारा इस महत्वपूर्ण बैठक की मेजबानी को वैश्विक सुरक्षा मामलों में उसकी बढ़ती भूमिका के रूप में देखा जा रहा है। राष्ट्रीय सुरक्षा, आतंकवाद-रोधी प्रयासों और डिजिटल सुरक्षा के क्षेत्र में भारत लगातार अंतरराष्ट्रीय सहयोग को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है।
बैठक से निकलने वाले निष्कर्ष भविष्य में BRICS देशों की सामूहिक सुरक्षा रणनीति और सहयोगी ढांचे को और मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

