नई दिल्ली. प्रधानमंत्री Narendra Modi की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट कमेटी ऑन इकोनॉमिक अफेयर्स (CCEA) ने रेल मंत्रालय की तीन बड़ी मल्टी-ट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है। इन परियोजनाओं पर कुल 9,072 करोड़ रुपये की लागत आएगी और इससे Indian Railways के नेटवर्क में लगभग 307 किलोमीटर की बढ़ोतरी होगी।
किन परियोजनाओं को मिली स्वीकृति?
स्वीकृत परियोजनाएं चार राज्यों—महाराष्ट्र, मध्य प्रदेश, बिहार और झारखंड—के आठ जिलों में फैली होंगी। इनमें शामिल हैं:
गोंदिया–जबलपुर डबलिंग
पुनराख–किउल तीसरी और चौथी लाइन
गम्हरिया–चांडिल तीसरी और चौथी लाइन
5,407 गांवों को मिलेगा सीधा लाभ
सरकार के अनुसार, इन मल्टी-ट्रैकिंग कार्यों से लगभग 5,407 गांवों की रेल कनेक्टिविटी मजबूत होगी और करीब 98 लाख लोगों को लाभ मिलेगा। अतिरिक्त लाइन क्षमता से ट्रेनों की आवाजाही तेज होगी, परिचालन दक्षता बढ़ेगी और व्यस्त मार्गों पर भीड़भाड़ कम होगी।
पीएम गति शक्ति योजना के तहत क्रियान्वयन
ये परियोजनाएं PM Gati Shakti National Master Plan के तहत तैयार की गई हैं, जिनका उद्देश्य मल्टी-मोडल कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स दक्षता को मजबूत करना है। इससे यात्रियों और माल ढुलाई दोनों के लिए सुगम आवागमन सुनिश्चित होगा।
पर्यटन स्थलों को मिलेगा बढ़ावा
इन परियोजनाओं से कई प्रमुख पर्यटन स्थलों की रेल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, जिनमें शामिल हैं:
कचनार शिव मंदिर (जबलपुर)
कान्हा राष्ट्रीय उद्यान
पेंच राष्ट्रीय उद्यान
धुआंधार जलप्रपात
दलमा वन्यजीव अभयारण्य
चांडिल डैम आदि
माल ढुलाई और पर्यावरण को फायदा
यह मार्ग कोयला, इस्पात, लौह अयस्क, सीमेंट, उर्वरक, खाद्यान्न और पेट्रोलियम उत्पाद जैसे सामानों की ढुलाई के लिए महत्वपूर्ण हैं। क्षमता बढ़ने से 52 मिलियन टन प्रतिवर्ष अतिरिक्त माल ढुलाई संभव होगी।
रेलवे के अनुसार, इन परियोजनाओं से 6 करोड़ लीटर तेल की बचत होगी और 30 करोड़ किलोग्राम कार्बन डाइऑक्साइड उत्सर्जन में कमी आएगी, जो एक करोड़ पेड़ लगाने के बराबर है।
सरकार का कहना है कि ये परियोजनाएं ‘न्यू इंडिया’ के विजन को आगे बढ़ाते हुए क्षेत्रीय विकास, रोजगार और आत्मनिर्भरता को बढ़ावा देंगी।
