देहरा (कांगड़ा). हरिपुर में बुधवार को भाषा एवं संस्कृति विभाग शिमला से आई अधिकारियों की टीम ने हरिपुर की ऐतिहासिक धरोहरों की बदहाली को कैमरे में कैद किया व खण्डहरों में तब्दील हो चुकी धरोहरों का निरीक्षण किया. भाषा एवं संस्कृति विभाग शिमला से संग्राहलय अध्यक्ष हरी सिंह चौहान पंजीकरण अधिकारी सुरेश नड्डा तथा संग्राहलय अध्यक्ष महेन्दर सिंह ने स्थानीय पत्रकारों तथा बुद्धिजीवियों को साथ लेकर सर्वप्रथम हरिपुर में मिले कमरानुमा चैम्बर युक्त कुएं का निरीक्षण किया तथा इसकी तस्वीरों को कमरे में कैद किया.

इसके उपरांत हरिपुर के पुराने राजा के महल, किला, मंदिरों और ऐतिहासिक धरोहरों के बारे में बारीकी से जानकारियां एकत्रित की. आए हुए अधिकारियों ने लोगों से आग्रह किया की अगर लोगों के पास कोई पुराण सिक्का या इतिहास से जुड़ी पुख्ता जानकारी हो तो इसकी जानकारी विभाग को दें ताकि यहां के इतिहास के बारे में पता चल सके. उन्होंने लोगों से आह्वान किया की स्थानीय बुद्धिजीवी इन धरोहरों के सरंक्षण के लिए एक रजिस्टर्ड कमेटी बनायें क्योंकि विभाग के पास ऐतिहासिक धरोहरों के सरंक्षण के लिए पैसे की कमी नहीं है. देखने वाली बात है कि अब दूर दूर से लोग यहां धरोहरों को देखने आ रहे हैं इसी तरह आज यहां भटोली स्कूल से बच्चे अध्यापकों के साथ आये थे जिन्हें विभाग के अधिकारियों द्वारा अपनी संस्कृति को बचाने के लिए प्रेरित किया.