नई दिल्ली. Supreme Court of India में बुधवार को केंद्र सरकार ने बताया कि Transgender Persons Protection of Rights (Amendment) Act 2026 को चुनौती देने वाली कई याचिकाएं देश के विभिन्न हाई कोर्ट्स में लंबित हैं। केंद्र की ओर से सॉलिसिटर जनरल Tushar Mehta ने यह जानकारी दी।
केंद्र ने ट्रांसफर याचिकाओं की जल्द सुनवाई की मांग की
सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने मुख्य न्यायाधीश Surya Kant की अध्यक्षता वाली पीठ के सामने मामला उठाते हुए अनुरोध किया कि ट्रांसफर याचिकाओं को शुक्रवार को सूचीबद्ध किया जाए।
अलग-अलग हाई कोर्ट्स में सुनवाई से अलग फैसलों की आशंका
केंद्र सरकार ने कहा कि कई हाई कोर्ट्स इस मामले की सुनवाई कर रहे हैं, जिससे अलग-अलग फैसले आने की संभावना बन सकती है। इसी कारण केंद्र ने विभिन्न मामलों को सुप्रीम कोर्ट में ट्रांसफर करने की मांग की है।
सुप्रीम कोर्ट ने हाई कोर्ट्स की सुनवाई पर जताई राय
मुख्य न्यायाधीश ने कहा कि हाई कोर्ट्स को इस मुद्दे पर सुनवाई करने देने के अपने फायदे भी हो सकते हैं। हालांकि केंद्र ने दोहराया कि अलग-अलग अदालतों में समान मुद्दों पर विरोधाभासी फैसले आ सकते हैं।
संशोधन कानून के खिलाफ पहले ही जारी हो चुका है नोटिस
इस महीने की शुरुआत में सुप्रीम कोर्ट ने 2026 संशोधन कानून को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर केंद्र सरकार को नोटिस जारी किया था।
‘सेल्फ-आइडेंटिफिकेशन’ हटाने पर उठे सवाल
याचिकाकर्ताओं ने आरोप लगाया है कि नए संशोधन में जेंडर की ‘सेल्फ-आइडेंटिफिकेशन’ यानी स्वयं पहचान के अधिकार की अवधारणा को कमजोर या खत्म कर दिया गया है। इसी मुद्दे को लेकर कानून को अदालत में चुनौती दी गई है।
ट्रांसजेंडर अधिकारों पर बढ़ी कानूनी बहस
इस मामले ने ट्रांसजेंडर समुदाय के अधिकारों और पहचान से जुड़े मुद्दों पर नई कानूनी बहस को जन्म दिया है। अब सभी की नजर सुप्रीम कोर्ट की आगामी सुनवाई पर टिकी हुई है।

