नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने विकसित भारत-गारंटी फॉर रोजगार और आजीविका मिशन (ग्रामीण) [VB-G RAM G] अधिनियम, 2025 के तहत नई दैनिक मजदूरी दरों की अधिसूचना जारी कर दी है। नई दरें आज से पूरे देश में लागू हो गई हैं। सरकार का कहना है कि इस संशोधन का उद्देश्य ग्रामीण मजदूरों की आय बढ़ाना और उनकी आर्थिक स्थिति को मजबूत करना है।
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, पहली बार इस योजना के तहत 300 रुपये प्रतिदिन की न्यूनतम आधार मजदूरी तय की गई है। यानी अब किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश में इस योजना के तहत मजदूरी 300 रुपये प्रतिदिन से कम नहीं होगी।
राष्ट्रीय औसत मजदूरी में 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी
मंत्रालय के मुताबिक, पहले मनरेगा के तहत राष्ट्रीय औसत मजदूरी 298.80 रुपये प्रतिदिन थी, जो अब बढ़कर 327.40 रुपये प्रतिदिन हो गई है। यानी औसतन 10 प्रतिशत से अधिक की बढ़ोतरी की गई है।
सरकार का कहना है कि इससे ग्रामीण परिवारों की आय बढ़ेगी और उनकी खरीदारी की क्षमता में भी सुधार होगा।
21 राज्यों में बड़ा फायदा, कई जगह 15 से 25 प्रतिशत तक बढ़ी मजदूरी
नई वेतन दरों का सबसे अधिक लाभ उन राज्यों को मिला है, जहां पहले मजदूरी 300 रुपये से कम थी। ऐसे 21 राज्यों और प्रशासनिक इकाइयों की मजदूरी बढ़ाकर कम से कम 300 रुपये कर दी गई है।
उत्तर प्रदेश, बिहार, झारखंड, पश्चिम बंगाल, असम, अरुणाचल प्रदेश और हिमाचल प्रदेश जैसे राज्यों में मजदूरी में 15 से 25 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी की गई है। सरकार का मानना है कि इससे इन राज्यों के लाखों ग्रामीण मजदूरों को सीधा लाभ मिलेगा।
अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में सबसे अधिक बढ़ोतरी
ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, अरुणाचल प्रदेश और नागालैंड में मजदूरी दरों में सबसे अधिक, लगभग 24.5 प्रतिशत की वृद्धि की गई है।
वहीं जिन राज्यों में पहले से मजदूरी अपेक्षाकृत अधिक थी, वहां भी नई दरें लागू की गई हैं। हरियाणा में अब मजदूरी 409 रुपये प्रतिदिन, गोवा में 406 रुपये प्रतिदिन और केरल में 401 रुपये प्रतिदिन होगी। सिक्किम के ऊंचाई वाले ग्राम पंचायत क्षेत्रों में मजदूरी 450 रुपये प्रतिदिन निर्धारित की गई है।
125 दिन रोजगार की गारंटी के साथ बढ़ेगी ग्रामीण आय
केंद्र सरकार का कहना है कि नई मजदूरी दरें उस समय लागू की गई हैं जब VB-G RAM G Act के तहत रोजगार की गारंटी भी 100 दिनों से बढ़ाकर 125 दिन कर दी गई है।
सरकार के अनुसार, अधिक रोजगार और बढ़ी हुई मजदूरी का लाभ मिलने से ग्रामीण परिवारों की आमदनी में उल्लेखनीय वृद्धि होगी। साथ ही विभिन्न राज्यों के बीच मजदूरी का अंतर भी कम होगा और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।
शिवराज सिंह चौहान ने बताया ऐतिहासिक फैसला
केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने इस वेतन वृद्धि को ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य समृद्ध गांवों के माध्यम से ‘विकसित भारत’ का निर्माण करना है।
उन्होंने कहा कि बढ़ी हुई मजदूरी से ग्रामीण श्रमिकों की आजीविका मजबूत होगी, उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और देश के ग्रामीण क्षेत्रों में समावेशी विकास को गति मिलेगी।
गरीब कल्याण और विकसित भारत 2047 की दिशा में बड़ा कदम
ग्रामीण विकास मंत्रालय का कहना है कि नई मजदूरी दरें और 125 दिनों की रोजगार गारंटी मिलकर लाखों ग्रामीण श्रमिकों के जीवन स्तर में सुधार लाने में मदद करेंगी। सरकार का मानना है कि यह फैसला गरीब कल्याण, अंत्योदय और विकसित भारत 2047 के लक्ष्य को आगे बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित होगा।

