नई दिल्ली: पश्चिम एशिया (West Asia Crisis) में हालात सामान्य होने और एलपीजी (LPG) की उपलब्धता बेहतर होने के बाद केंद्र सरकार ने Commercial LPG Supply पर लगाए गए सभी क्षेत्रीय प्रतिबंध (Sectoral Restrictions) हटा दिए हैं। इस फैसले से उद्योगों, होटलों, रेस्तरां, छोटे व्यवसायों और अन्य Commercial LPG Consumers को बड़ी राहत मिलने की उम्मीद है।
केंद्र सरकार ने गुरुवार को घोषणा करते हुए कहा कि अब Non-Domestic Packed LPG की आपूर्ति संकट से पहले के स्तर पर बहाल कर दी गई है। इसके साथ ही Bulk LPG Supply, जिसे संकट की शुरुआत में रोक दिया गया था, उसे भी पूर्व खपत के 50 प्रतिशत स्तर तक फिर से शुरू करने की अनुमति दी गई है।
West Asia Crisis के दौरान लगाए गए थे प्रतिबंध
पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय के अनुसार, पश्चिम एशिया में उत्पन्न आपूर्ति संकट के दौरान LPG की घरेलू उपलब्धता सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने Essential Commodities Act के तहत विशेष निर्देश जारी किए थे।
इन निर्देशों के तहत C3-C4 Streams का उपयोग केवल LPG उत्पादन के लिए करने को कहा गया था। इसके चलते पेट्रोकेमिकल और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में इन संसाधनों की आपूर्ति सीमित कर दी गई थी।
सरकार का उद्देश्य उस समय देशभर में घरेलू उपभोक्ताओं के लिए रसोई गैस की निर्बाध उपलब्धता बनाए रखना था।
LPG उत्पादन बढ़ने से लिया गया फैसला
मंत्रालय ने बताया कि देश में Indigenous LPG Production में सुधार हुआ है और आयातित LPG Cargoes की उपलब्धता भी बेहतर होने की संभावना है। इसी को ध्यान में रखते हुए सरकार ने C3-C4 Streams को फिर से पेट्रोकेमिकल और अन्य महत्वपूर्ण औद्योगिक क्षेत्रों के लिए उपलब्ध कराने का निर्णय लिया है।
हालांकि सरकार ने स्पष्ट किया है कि इस बदलाव से घरेलू LPG उपभोक्ताओं की आपूर्ति पर कोई असर नहीं पड़ेगा और कुल घरेलू LPG उत्पादन को प्रतिदिन कम से कम 40 TMT के स्तर पर बनाए रखा जाएगा।
Centre of High Technology को मिली जिम्मेदारी
सरकार ने मंत्रालय के अधीन कार्यरत Centre of High Technology (CoHT) को निर्देश दिया है कि वह विभिन्न संगठनों के लिए C3-C4 Streams का आवंटन सुनिश्चित करे और पेट्रोकेमिकल तथा अन्य महत्वपूर्ण क्षेत्रों को आपूर्ति की नियमित निगरानी करे।
इसके साथ ही मंत्रालय को समय-समय पर रिपोर्ट भी सौंपी जाएगी, ताकि आपूर्ति व्यवस्था पर नजर रखी जा सके।
Commercial और Industrial Sector को मिलेगा फायदा
नई व्यवस्था के लागू होने से होटल उद्योग, रेस्तरां, मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और अन्य औद्योगिक प्रतिष्ठानों को राहत मिलने की उम्मीद है। West Asia Crisis के दौरान इन क्षेत्रों को LPG आपूर्ति में कटौती का सामना करना पड़ा था।
अब Commercial Packed LPG और Bulk LPG Supply में ढील मिलने से उद्योगों की परिचालन लागत और आपूर्ति संबंधी चुनौतियां कम हो सकती हैं।
PNG Network विस्तार पर भी रहेगा जोर
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि वह Piped Natural Gas (PNG) Connectivity के विस्तार के अपने लक्ष्य पर कायम है। जिन Commercial और Bulk Consumers ने पहले ही PNG को अपनाया है, वे उसी व्यवस्था में बने रहेंगे।
वहीं जिन उपभोक्ताओं के पास PNG नेटवर्क उपलब्ध है या जो PNG में शिफ्ट होने की प्रक्रिया में हैं, उन्हें चरणबद्ध तरीके से PNG से जोड़ा जाएगा। इसके लिए City Gas Distribution (CGD) कंपनियों के साथ समन्वय किया जाएगा।
राज्यों को भी भेजे गए निर्देश
पेट्रोलियम मंत्रालय के सचिव ने सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को पत्र लिखकर नई आपूर्ति व्यवस्था को सुचारु रूप से लागू करने में सहयोग करने का अनुरोध किया है।
सरकार का कहना है कि यह फैसला राष्ट्रीय ऊर्जा सुरक्षा (National Energy Security) को ध्यान में रखते हुए लिया गया है, जिससे देश की ऊर्जा जरूरतों और स्वच्छ ईंधन के उपयोग के बीच संतुलन बनाए रखा जा सके।
ऊर्जा सुरक्षा और आपूर्ति प्रबंधन पर फोकस
केंद्र सरकार ने Oil Marketing Companies (OMCs) को निर्देश दिया है कि वे Commercial और Industrial LPG Consumers का विस्तृत डेटा तैयार रखें। साथ ही सभी OMCs के बीच एक Unified Sectoral Database भी विकसित किया जाएगा, ताकि भविष्य में किसी भी आपूर्ति संकट से बेहतर तरीके से निपटा जा सके।
सरकार का मानना है कि यह कदम न केवल ऊर्जा क्षेत्र को राहत देगा बल्कि देश में Cleaner Fuel Transition और Efficient Energy Management को भी बढ़ावा देगा।
