नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने Jan Vishwas Act के तहत स्वास्थ्य क्षेत्र (Health Sector Reforms) में महत्वपूर्ण सुधार लागू कर दिए हैं। इन बदलावों के तहत Drugs and Cosmetics Act, 1940 तथा Food Safety and Standards Act, 2006 के कुछ छोटे अपराधों (Minor Offences) को तर्कसंगत (Rationalise) बनाया गया है। सरकार का कहना है कि इन सुधारों का उद्देश्य Ease of Doing Business को बढ़ावा देना है, जबकि सार्वजनिक स्वास्थ्य (Public Health) और उपभोक्ता सुरक्षा (Consumer Safety) से किसी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा।
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय (Ministry of Health and Family Welfare) के अनुसार, नए प्रावधान उद्योगों पर अनावश्यक कानूनी बोझ कम करेंगे और नियामकीय व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाएंगे।
Drugs and Cosmetics Act में बड़ा बदलाव
सरकार ने Drugs and Cosmetics Act, 1940 की Section 29 को समाप्त कर दिया है। इस धारा के तहत सरकारी विश्लेषक (Government Analyst) की रिपोर्ट का विज्ञापन में उपयोग करने पर एक लाख रुपये तक के जुर्माने का प्रावधान था।
मंत्रालय का कहना है कि इस प्रावधान को हटाने से कानून अधिक व्यावहारिक बनेगा और उन मामलों में अनावश्यक दंडात्मक कार्रवाई से बचा जा सकेगा, जिनका सार्वजनिक स्वास्थ्य पर प्रत्यक्ष प्रभाव नहीं पड़ता।
Low-Risk Cosmetics के लिए नया Penalty Framework
सरकार ने कम जोखिम (Low-Risk Cosmetics) वाले कॉस्मेटिक्स के निर्माण और बिक्री से जुड़े उल्लंघनों को अब Administrative Penalty Framework के तहत लाने का फैसला किया है।
हालांकि, यदि किसी मामले में नकली (Spurious) या मिलावटी (Adulterated) कॉस्मेटिक्स का निर्माण या बिक्री होती है, जिससे उपभोक्ताओं की सुरक्षा प्रभावित होती है, तो ऐसे मामलों में पहले की तरह कड़े दंडात्मक प्रावधान लागू रहेंगे।
Food Safety Act में भी संशोधन
केंद्र सरकार ने Food Safety and Standards Act, 2006 में भी संशोधन किया है। इसके तहत Food Safety Officer के कार्य में बाधा डालने या विरोध करने से जुड़ा प्रावधान हटा दिया गया है।
सरकार का कहना है कि इस तरह के अपराध पहले से ही Bharatiya Nyaya Sanhita (BNS) के अंतर्गत शामिल हैं। इसलिए एक ही अपराध के लिए अलग-अलग कानूनों में समान प्रावधान रखने की आवश्यकता नहीं है।
Ease of Doing Business को मिलेगा बढ़ावा
सरकार का मानना है कि Jan Vishwas Act Reforms से स्वास्थ्य और खाद्य उद्योग से जुड़े कारोबारियों को राहत मिलेगी। छोटे और तकनीकी उल्लंघनों में अब अनावश्यक आपराधिक कार्रवाई की बजाय प्रशासनिक प्रक्रिया अपनाई जाएगी, जिससे कारोबार करना आसान होगा।
साथ ही सरकार ने स्पष्ट किया है कि जहां भी उपभोक्ताओं की सुरक्षा, दवाओं की गुणवत्ता या खाद्य सुरक्षा से जुड़ा गंभीर मामला होगा, वहां कड़ी कानूनी कार्रवाई पहले की तरह जारी रहेगी।
Public Health और Consumer Safety पर रहेगा फोकस
स्वास्थ्य मंत्रालय ने कहा कि इन सुधारों का उद्देश्य कानूनों को सरल बनाना है, न कि सुरक्षा मानकों को कमजोर करना। सरकार यह सुनिश्चित करेगी कि Public Health, Drug Quality और Food Safety Standards पर कोई असर न पड़े।
Jan Vishwas Act के तहत किए गए ये बदलाव सरकार की उस नीति का हिस्सा हैं, जिसके तहत पुराने और अनावश्यक दंडात्मक प्रावधानों को हटाकर पारदर्शी, आधुनिक और व्यवसाय-अनुकूल नियामकीय व्यवस्था विकसित की जा रही है।
