नई दिल्ली. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी तीन दिवसीय गुजरात दौरे पर शनिवार को राजकोट पहुंचे। वे 10 से 12 जनवरी तक गुजरात में रहेंगे। पीएम मोदी का विमान राजकोट के हीरासर एयरपोर्ट पर उतरा, जहां कैबिनेट मंत्री कुंवरजी बावलिया और राजकोट के मेयर ने उनका स्वागत किया। इसके बाद प्रधानमंत्री हेलिकॉप्टर से सीधे सोमनाथ के लिए रवाना हुए।
सोमनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन और Swabhiman Parv में सहभागिता
अपने दौरे के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी सोमनाथ मंदिर में दर्शन और पूजा-अर्चना करेंगे। इसके साथ ही वे एक सार्वजनिक कार्यक्रम में हिस्सा लेंगे और Somnath Swabhiman Parv समारोह में भी शामिल होंगे। यह आयोजन भारत की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और ऐतिहासिक विरासत को समर्पित है।
Somnath Swabhiman Parv का ऐतिहासिक महत्व
सोमनाथ स्वाभिमान पर्व, वर्ष 1026 में महमूद गजनवी द्वारा सोमनाथ मंदिर पर किए गए आक्रमण के एक हजार वर्ष पूरे होने की स्मृति में मनाया जा रहा है। यह पर्व मंदिर की उस ऐतिहासिक विरासत को दर्शाता है, जो बार-बार विध्वंस के बावजूद फिर से खड़ा हुआ और भारत के आत्मसम्मान, आस्था और राष्ट्रीय गौरव का प्रतीक बना।
72 घंटे का अखंड ‘ॐ’ जाप, संतों का महासंगम
देशभर से सैकड़ों संत और साधु सोमनाथ पहुंचे हैं, जहां मंदिर परिसर में 72 घंटे तक अखंड ‘ॐ’ का जाप किया जा रहा है। इस दौरान आध्यात्मिक वातावरण को और भव्य बनाने के लिए ड्रोन शो और मंत्रोच्चार का आयोजन भी किया गया है, जो भारत की सनातन परंपरा और सांस्कृतिक विरासत को रेखांकित करता है।
2026 में मंदिर पुनर्निर्माण के 75 वर्ष पूरे
साल 2026 सोमनाथ मंदिर के इतिहास में खास महत्व रखता है, क्योंकि इसी वर्ष मंदिर के पुनर्निर्माण के 75 साल पूरे हो रहे हैं। 1951 में सरदार वल्लभभाई पटेल के नेतृत्व में मंदिर का पुनर्निर्माण हुआ था और इसका उद्घाटन तत्कालीन राष्ट्रपति डॉ. राजेंद्र प्रसाद की मौजूदगी में किया गया था। यह पुनर्निर्माण स्वतंत्र भारत के आत्मबल और सांस्कृतिक पुनर्जागरण का प्रतीक बना।
Shaurya Yatra में भी शामिल होंगे PM Modi
प्रधानमंत्री मोदी 11 जनवरी को सुबह 9:45 बजे Shaurya Yatra में हिस्सा लेंगे। यह यात्रा उन वीर योद्धाओं को समर्पित है जिन्होंने सदियों तक सोमनाथ की रक्षा की। यात्रा में 108 घोड़ों की प्रतीकात्मक परेड निकाली जाएगी, जो शौर्य, बलिदान और वीरता का प्रतीक मानी जाती है।
पीएम मोदी का कार्यक्रम और संदेश
प्रधानमंत्री ने अपने कार्यक्रम की जानकारी साझा करते हुए बताया कि वे शाम को ओंकार मंत्र के दिव्य जाप में भाग लेंगे, इसके बाद मंदिर में दर्शन और पूजा करेंगे। साथ ही वे सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली इतिहास और भारत की चिरस्थायी आध्यात्मिक मूल्यों पर आधारित सार्वजनिक कार्यक्रम में भी शामिल होंगे।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व भारत की गहरी आध्यात्मिक परंपरा का प्रतीक है। यह माता भारती के वीर सपूतों और हमारी अटूट आस्था को सम्मान देने का अवसर है।यह आयोजन न केवल सोमनाथ मंदिर के गौरवशाली अतीत को स्मरण करता है, बल्कि भारत की सभ्यतागत चेतना और सांस्कृतिक आत्मसम्मान को भी मजबूती प्रदान करता है।
