नई दिल्ली: देश की सर्वोच्च अदालत को मंगलवार को पांच नए न्यायाधीश मिले, जिनके शपथ ग्रहण के साथ ही सुप्रीम कोर्ट की कार्यरत न्यायाधीशों की संख्या बढ़कर 37 हो गई है। अब अदालत में केवल एक पद खाली रह गया है।
मुख्य न्यायाधीश Surya Kant ने पूर्व पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट के मुख्य न्यायाधीश Sheel Nagu, पूर्व बॉम्बे हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश Shree Chandrashekhar, पूर्व मध्य प्रदेश हाईकोर्ट मुख्य न्यायाधीश Sanjeev Sachdeva, जम्मू-कश्मीर एवं लद्दाख हाईकोर्ट के पूर्व मुख्य न्यायाधीश Arun Palli और वरिष्ठ अधिवक्ता V. S. Mohana को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई।
महिला प्रतिनिधित्व को मिला बल
वरिष्ठ अधिवक्ता वी. एस. मोहाना की नियुक्ति विशेष रूप से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। उनके सुप्रीम कोर्ट पहुंचने के साथ ही शीर्ष अदालत में महिला न्यायाधीशों की संख्या बढ़ी है। वर्तमान में न्यायमूर्ति B. V. Nagarathna सुप्रीम कोर्ट की एकमात्र महिला जज थीं। मोहाना सीधे बार से सुप्रीम कोर्ट में नियुक्त होने वाली दूसरी महिला बनी हैं। इससे पहले 2018 में Indu Malhotra को सीधे बार से सर्वोच्च अदालत में नियुक्त किया गया था।
लंबित मामलों का बोझ कम करने की कोशिश
हाल ही में केंद्र सरकार ने अध्यादेश के जरिए सुप्रीम कोर्ट में न्यायाधीशों की स्वीकृत संख्या बढ़ाकर 37 कर दी थी। इस कदम का उद्देश्य 93 हजार से अधिक लंबित मामलों के निपटारे में तेजी लाना और संविधान पीठों के नियमित गठन को सुनिश्चित करना बताया गया था।
मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने नवंबर 2025 में पदभार संभालने के बाद लंबित मामलों को कम करना अपनी प्राथमिकताओं में शामिल किया था। ऐसे में नई नियुक्तियों को अदालत की कार्यक्षमता बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
कोलेजियम की सिफारिश पर हुई नियुक्तियां
इन पांच नामों की सिफारिश 27 मई को सुप्रीम कोर्ट कोलेजियम ने की थी। कोलेजियम में मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत के अलावा न्यायमूर्ति Vikram Nath, J. K. Maheshwari, बी. वी. नागरत्ना और M. M. Sundresh शामिल थे। बाद में केंद्र सरकार ने इन नियुक्तियों को मंजूरी देते हुए राष्ट्रपति की ओर से नियुक्ति वारंट जारी किए।
आने वाले महीनों में कई जज होंगे सेवानिवृत्त
सुप्रीम कोर्ट में नई नियुक्तियां ऐसे समय हुई हैं जब आने वाले महीनों में कई न्यायाधीश सेवानिवृत्त होने वाले हैं। न्यायमूर्ति पंकज मित्तल 6 जून, न्यायमूर्ति जे.के. महेश्वरी 28 जून, न्यायमूर्ति संजय करोल 28 अगस्त और न्यायमूर्ति सतीश चंद्र शर्मा 29 नवंबर को सेवानिवृत्त होंगे। ऐसे में नए न्यायाधीशों की नियुक्ति अदालत की कार्यरत क्षमता को बनाए रखने में मदद करेगी।
कानून मंत्री ने दी जानकारी
केंद्र सरकार ने 1 जून को इन नियुक्तियों की औपचारिक अधिसूचना जारी की थी। केंद्रीय कानून मंत्री Arjun Ram Meghwal ने सोशल मीडिया मंच X पर जानकारी देते हुए कहा कि राष्ट्रपति ने संविधान के अनुच्छेद 124(2) के तहत मुख्य न्यायाधीश से परामर्श के बाद पांचों नियुक्तियों को मंजूरी दी है।
