नई दिल्ली: मुख्य चुनाव आयुक्त (Chief Election Commissioner) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) के विरोध प्रदर्शन के बीच शनिवार को दिल्ली पुलिस ने कई विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं को हिरासत में लिया। हिरासत में लिए गए लोगों में तृणमूल कांग्रेस (TMC) प्रमुख ममता बनर्जी, आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल और ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) की अध्यक्ष नेहा बोरा सहित कई नेता शामिल हैं।
ममता बनर्जी और केजरीवाल को कहां से हिरासत में लिया गया?
जानकारी के मुताबिक, ममता बनर्जी को साउथ एवेन्यू से हिरासत में लिया गया। इस दौरान तृणमूल कांग्रेस के नेता डेरेक ओ’ब्रायन, डोला सेन और अन्य पार्टी नेता भी उनके साथ थे। वहीं, अरविंद केजरीवाल को उनके आवास के बाहर उस समय हिरासत में लिया गया, जब वह जंतर-मंतर की ओर मार्च कर रहे थे।
दीपंकर भट्टाचार्य और नेहा बोरा समेत कई कार्यकर्ता भी हिरासत में
प्रदर्शन के दौरान कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी-लेनिनवादी) लिबरेशन के महासचिव दीपंकर भट्टाचार्य, AISA अध्यक्ष नेहा बोरा, सामाजिक कार्यकर्ता योगेंद्र यादव और प्रशांत भूषण को भी हिरासत में लिया गया। ये सभी INA मार्केट के पास से सफदरजंग फ्लाईओवर की ओर मार्च करते हुए मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ नारे लगा रहे थे।
CPI-ML लिबरेशन के नेता बालाजी के अनुसार, इन कार्यकर्ताओं के साथ AISA के कई सदस्यों को भी अलग-अलग वाहनों में ले जाया गया।
SIR के विरोध के बीच दिल्ली में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी
कॉक्रोच जनता पार्टी (CJP) ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को लेकर मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ प्रदर्शन का आह्वान किया था। इसके मद्देनजर राष्ट्रीय राजधानी में सुरक्षा व्यवस्था बढ़ा दी गई।
नई दिल्ली की ओर जाने वाली कई सड़कों को बंद किया गया। इसके अलावा, कई मेट्रो स्टेशनों और दो प्रमुख रेलवे स्टेशनों को भी बंद रखने की जानकारी सामने आई। इन कदमों के चलते राजधानी के अलग-अलग इलाकों में आवागमन प्रभावित हुआ।
खान मार्केट और कनॉट प्लेस में दुकानें बंद
प्रदर्शन और सुरक्षा प्रतिबंधों के बीच खान मार्केट और कनॉट प्लेस सहित दिल्ली के कई प्रमुख बाजारों में दुकानें बंद रहीं। खान मार्केट ट्रेडर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष संजीव मेहरा ने बताया कि व्यापारियों ने आसपास प्रदर्शनकारियों को रोके जाने की स्थिति में संपत्ति को नुकसान पहुंचने की आशंका के चलते स्वेच्छा से दुकानें बंद रखने का फैसला किया।
उन्होंने कहा कि बाजार बंद रहने के बावजूद कारोबारियों को किराया और कर्मचारियों के वेतन जैसे नियमित खर्च उठाने पड़ रहे हैं।
दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के बीच नेताओं की हिरासत, सड़कों पर प्रतिबंध, मेट्रो और रेलवे सेवाओं से जुड़े बंदोबस्त तथा बाजारों के बंद रहने से राजधानी में जनजीवन और कारोबार पर असर पड़ा।
