वीरभद्र सिंह स्कूलों में ग्रेडिंग सिस्टम को करना चाहते हैं ख़त्म

हिमाचल के मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा बदलाव चाहते हैं. सीएम चाहते हैं कि अब सभी स्कूलों में बायोमीट्रिक मशीनों से ही हाजिरी लगनी चाहिए, जिससे शिक्षक व स्टाफ अब तड़ी नहीं मार पाएंगे. साथ ही ग्रेडिंग सिस्टम को भी बंद किया जाएगा और परीक्षा में फेल छात्र फेल ही माना जाएगा. वीरभद्र सिंह ने ये बात अपने यात्रा के दूसरे दिन धर्मपुर उपमंडल के बहरी में मॉडल स्कूल की मॉर्निंग असैंबली में कही. केंद्र द्वारा चलाए गए सर्व शिक्षा अभियान पर सवाल उठाते हुए सीएम ने कहा कि इसमें किसी भी बच्चे को फेल न करके उसे अगली कक्षा में बिठा दिया जाता है. अब ऐसा नहीं होगा.स्कूलों में ग्रेडिंग सिस्टम कारगर साबित नहीं हो रहा है. इस सिस्टम से छात्रों का भविष्य खतरे में है.

बायोमीट्रिक मशीनों के माध्यम हाजरी लगाना शुरू

उन्होंने कहा कि पहली कक्षा से ही परीक्षा प्रणाली होनी चाहिए. पहले जहां पाठशाला में दो अध्यापक होते थे, वहां एक गुरु जी छुट्टी की अर्जी देकर गायब हो जाता था और अगर कोई चेकिंग पर नहीं आता तो दूसरे दिन उस अर्जी को फाड़कर दूसरे गुरु जी निकल जाते थे, इसे रोकने के लिए हमने अब पाठशालाओं में बायोमीट्रिक मशीनों के माध्यम से हाजिरी लगाना शुरू किया है और अब उनकी हाजिरी का पता सीधे शिमला में बैठे उनके उच्चाधिकारी देख सकते हैं.

सीएम ने कहा नए जमाने के साथ शिक्षा के क्षेत्र में भी बदलाव होना चाहिए और यह प्रयोग आदर्श ग्रामीण विद्यालय बहरी के रूप में पूरे प्रदेश में पहला प्रयोग हुआ है और ऐसा प्रयोग अन्य जगह भी किया जाएगा ताकि शिक्षा का स्तर ऊपर उठ सके.

फोटो क्रेडिट :सीएम के फेसबुक वॉल से

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