नई दिल्ली. कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के दिवंगत पिता को लेकर की गई टिप्पणी पर विवाद बढ़ गया है। बिहार की राजधानी पटना में खड़गे के खिलाफ कोतवाली थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई गई है। शिकायत भारतीय जनता पार्टी (BJP) की राज्य कार्यसमिति के सदस्य कृष्ण सिंह कल्लू ने दी है। यह मामला उस समय सामने आया, जब पटना में बिहार के पहले मुख्यमंत्री डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की 139वीं जयंती के कार्यक्रम में खड़गे के बयान का वीडियो सामने आया।
क्या है पूरा मामला?
डॉ. श्रीकृष्ण सिंह की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे सभा को संबोधित कर रहे थे। इसी दौरान श्रोताओं में मौजूद एक व्यक्ति ने बीच में टोकते हुए कहा, “मोदी नहीं जाएंगे।” इस पर खड़गे ने नाराजगी जताते हुए जवाब दिया, “मोदी का बाप भी जाएगा।” इस बातचीत का वीडियो सामने आने के बाद बयान को लेकर विवाद शुरू हो गया।
अब BJP की राज्य कार्यसमिति के सदस्य कृष्ण सिंह कल्लू ने इस टिप्पणी को लेकर पटना के कोतवाली थाने में खड़गे के खिलाफ लिखित शिकायत दी है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के अनुसार, शिकायत के आधार पर पुलिस ने क्या कार्रवाई की है, इसकी पुष्टि नहीं हुई है।
खड़गे को टोकने वाले व्यक्ति के साथ मारपीट का भी दावा
कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया है कि खड़गे के भाषण के बीच हस्तक्षेप करने वाले व्यक्ति के साथ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मारपीट की और उसे सभागार से बाहर निकाल दिया। हालांकि, कथित मारपीट की परिस्थितियों और घटना से जुड़ी विस्तृत जानकारी तत्काल स्पष्ट नहीं हो सकी। इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि भी उपलब्ध जानकारी से नहीं होती है।
SIR के खिलाफ खड़गे ने की आवाज उठाने की अपील
इसी कार्यक्रम में मल्लिकार्जुन खड़गे ने मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण यानी Special Intensive Revision (SIR) को तत्काल रोकने की मांग भी की। उन्होंने इसे लोकतंत्र और मताधिकार से जुड़ा अहम मुद्दा बताते हुए SIR के विरोध को “आजादी की दूसरी लड़ाई” करार दिया।
खड़गे ने भविष्य के चुनावों में बैलेट पेपर दोबारा इस्तेमाल करने की मांग की। साथ ही, उन्होंने पिछले दो वर्षों में हुए विधानसभा चुनावों को रद्द करने की मांग भी उठाई। उनके बयान के मुताबिक, चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जनता का भरोसा कायम रखने के लिए चुनाव व्यवस्था में बदलाव जरूरी है।
RSS और BJP की विचारधारा पर भी साधा निशाना
कांग्रेस अध्यक्ष ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और BJP पर आरोप लगाया कि उनकी विचारधारा देश में विभाजन को बढ़ावा देती है। खड़गे ने दावा किया कि जब तक RSS की विचारधारा खत्म नहीं होगी, तब तक देश में शांति स्थापित नहीं हो सकती। ये आरोप खड़गे ने अपने भाषण के दौरान लगाए।
उन्होंने चुनावी प्रक्रिया और निर्वाचन आयोग की निष्पक्षता पर भी सवाल उठाए। खड़गे ने आरोप लगाया कि मतदाता सूचियों में कथित गड़बड़ियों के जरिए विपक्ष के समर्थकों के नाम हटाए जा रहे हैं।
‘वोट चोरी’ का आरोप लगाकर चुनावों पर उठाए सवाल
खड़गे ने पश्चिम बंगाल, हरियाणा, बिहार और महाराष्ट्र का जिक्र करते हुए आरोप लगाया कि इन राज्यों में “वोट चोरी” के जरिए सरकारें बनाई गईं। उन्होंने ऐसी सरकारों को हटाने की मांग की और लोगों से अपने अधिकारों की रक्षा के लिए आवाज उठाने की अपील की।
कांग्रेस अध्यक्ष ने निर्वाचन आयोग से चुनाव प्रक्रिया में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने दोहराया कि SIR की मौजूदा प्रक्रिया रोकी जानी चाहिए और भविष्य के चुनावों में बैलेट पेपर का इस्तेमाल किया जाना चाहिए। खड़गे ने कहा कि लोकतंत्र की रक्षा के लिए हर वोट का महत्व सुनिश्चित करना जरूरी है।
बयान और शिकायत के बाद बढ़ा राजनीतिक विवाद
पटना में खड़गे की टिप्पणी को लेकर शिकायत और उनके भाषण में उठाए गए चुनावी मुद्दों ने राजनीतिक विवाद को बढ़ा दिया है। एक ओर BJP नेता ने बयान को लेकर पुलिस में शिकायत दी है, वहीं खड़गे ने अपने भाषण में SIR, निर्वाचन आयोग और चुनाव प्रक्रिया पर सवाल उठाए। फिलहाल, शिकायत पर पुलिस की आधिकारिक कार्रवाई और कथित मारपीट के मामले में आगे की जानकारी सामने आने का इंतजार है।
