नई दिल्ली. अनुराग शर्मा को सोमवार को हिमाचल प्रदेश से राज्यसभा की एकमात्र सीट के लिए निर्विरोध निर्वाचित घोषित किया गया। यह सीट पहले इंदु गोस्वामी के पास थी।
निर्वाचन अधिकारी और विधानसभा सचिव ने नामांकन वापसी की अंतिम तिथि के बाद यह घोषणा की, क्योंकि इस सीट के लिए कोई अन्य उम्मीदवार मैदान में नहीं था।
इस जीत के साथ भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस की करीब 10 साल बाद राज्यसभा में हिमाचल प्रदेश से वापसी हुई है। इससे पहले भारतीय जनता पार्टी ने 2018, 2020 और 2022 में यह सीट अपने नाम की थी। 2024 में भी भाजपा ने कांग्रेस की सरकार और विधानसभा में बहुमत होने के बावजूद यह सीट जीत ली थी, जो उस समय एक बड़ा राजनीतिक घटनाक्रम माना गया था।
कांगड़ा जिले के बैजनाथ क्षेत्र के बीर गांव के रहने वाले अनुराग शर्मा वर्तमान में कांगड़ा जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हैं। वे बिलिंग पैराग्लाइडिंग एसोसिएशन के अध्यक्ष भी हैं।
अनुराग शर्मा 1995 से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं
29 अगस्त 1978 को जन्मे अनुराग शर्मा 1995 से कांग्रेस से जुड़े हुए हैं। उन्होंने बैजनाथ सरकारी कॉलेज में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) के अध्यक्ष के रूप में भी काम किया है और 1998 से 2001 तक पार्टी के युवा संगठन में प्रदेश महासचिव की जिम्मेदारी निभाई।
मीडिया से बातचीत में शर्मा ने भगवान, कांग्रेस नेतृत्व, मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू, मंत्रियों, विधायकों और पार्टी कार्यकर्ताओं का आभार जताया। उन्होंने कहा कि वे राज्य की जनता की उम्मीदों पर खरा उतरने के लिए पूरी मेहनत करेंगे।
उन्होंने पहले कहा था कि राज्यसभा के लिए कांग्रेस का टिकट मिलना उनके जैसे कार्यकर्ता के लिए सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने यह भी बताया कि वे राज्यसभा में हिमाचल को मिलने वाली रेवेन्यू डेफिसिट ग्रांट (RGD) बंद किए जाने का मुद्दा उठाएंगे।
अनुराग शर्मा को मुख्यमंत्री सुक्खू का करीबी माना जाता है। कांगड़ा जिले में पिछले विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने 15 में से 10 सीटें जीती थीं, लेकिन इतने बड़े जिले को कैबिनेट में केवल दो पद मिलने के कारण राजनीतिक संतुलन बनाने के लिहाज से भी उनकी उम्मीदवारी को अहम माना जा रहा है।
