नई दिल्ली. राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (NDA Candidate for Vice President) सीपी राधाकृष्णन ने बुधवार को भारत के उपराष्ट्रपति (Vice President of India 2025) पद के लिए अपना नामांकन दाखिल किया। संसद भवन (Parliament of India) में आयोजित इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी (Prime Minister Narendra Modi) भी उपस्थित थे, जिन्होंने नामांकन पत्र के पहले सेट में मुख्य प्रस्तावक की भूमिका निभाई।
राधाकृष्णन का नामांकन चार सेटों (Nomination Papers) में प्रस्तुत किया गया, जिसमें प्रत्येक में 20 प्रस्तावक (Proposers) और 20 अनुमोदक (Seconders) के हस्ताक्षर थे। प्रधानमंत्री मोदी के अलावा, केंद्रीय मंत्री, वरिष्ठ सांसद और एनडीए (NDA Leaders) के अन्य प्रमुख नेता भी इसमें शामिल थे।
कई बड़े नेता हुए शामिल
संसद भवन में प्रधानमंत्री मोदी और राधाकृष्णन के साथ गृह मंत्री अमित शाह, रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष और केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा, केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी सहित कई वरिष्ठ नेता मौजूद थे। एनडीए के सहयोगी दलों जैसे जनता दल यूनाइटेड, जनता दल सेक्युलर, एआईएडीएमके, हिंदुस्तानी आवाम मोर्चा, लोक जनशक्ति पार्टी और असम गण परिषद के वरिष्ठ नेता भी इस कार्यक्रम में शामिल रहे।
प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया (Social Media Post) पर राधाकृष्णन की प्रशंसा करते हुए उन्हें “समर्पित, विनम्र और बुद्धिमान नेता” बताया, जिन्होंने हाशिए पर पड़े समुदायों के सशक्तिकरण के लिए लगातार काम किया है।
एनडीए की रणनीति बैठक में केंद्रीय मंत्री प्रह्लाद जोशी के आवास पर सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि राधाकृष्णन को उपराष्ट्रपति पद (Vice President Nomination 2025) के लिए मैदान में उतारा जाएगा। गठबंधन के वरिष्ठ नेता जीतन राम मांझी ने इस एकजुटता की पुष्टि की।
मेघालय के वर्तमान राज्यपाल सीपी राधाकृष्णन, जो भाजपा के वरिष्ठ नेता हैं, दशकों के Legislative और Administrative अनुभव के साथ इस पद के लिए मजबूत उम्मीदवार माने जा रहे हैं। उन्होंने सामाजिक उत्थान और ज़मीनी स्तर पर विकास कार्यों में अपनी पहचान बनाई है।
उपराष्ट्रपति चुनाव (UP Vice President Election 2025) अगले महीने आयोजित होने वाला है। संसद में एनडीए की स्पष्ट बहुमत (NDA Majority in Parliament) के कारण राधाकृष्णन को इस पद के लिए प्रमुख उम्मीदवार माना जा रहा है। निर्वाचित होने पर वे निवर्तमान उपराष्ट्रपति का स्थान ग्रहण करेंगे और देश के सर्वोच्च संवैधानिक पदों में से एक का कार्यभार संभालेंगे।
