नई दिल्ली. ग्रामीण युवाओं को रोजगार के लिए जरूरी कौशल देने की दिशा में केंद्र सरकार Deen Dayal Upadhyaya Grameen Kaushalya Yojana (DDU-GKY) 2.0 के तहत नए ट्रेनिंग बैच शुरू करने जा रही है। ग्रामीण विकास मंत्रालय के अनुसार, अक्टूबर 2026 से 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में कुल 1,164 ट्रेनिंग बैच शुरू किए जाएंगे, जिनमें करीब 34,920 ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षण दिया जाएगा।
14 राज्यों और UTs में शुरू होगी ट्रेनिंग
पहले चरण की तैयारियों की समीक्षा 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के साथ की गई है। इनमें ओडिशा, मिजोरम, सिक्किम, मध्य प्रदेश, राजस्थान, पश्चिम बंगाल, हिमाचल प्रदेश, तमिलनाडु, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश, पुडुचेरी, कर्नाटक, तेलंगाना और बिहार शामिल हैं।
मंत्रालय के अनुसार इन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अक्टूबर से प्रशिक्षण शुरू करने की तैयारी पूरी की जा रही है।
दिसंबर 2027 तक 3.57 लाख युवाओं का लक्ष्य
इन 14 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए 3,57,112 ग्रामीण युवाओं को प्रशिक्षित करने का लक्ष्य तय किया गया है। यह लक्ष्य 31 दिसंबर 2027 तक पूरा किया जाना है।
मंत्रालय के DDU-GKY 2.0 पोर्टल के अनुसार, 24 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 1,200 से ज्यादा परियोजनाओं के तहत लगभग 5.6 लाख ग्रामीण युवाओं के प्रशिक्षण के लक्ष्य पहले ही आवंटित किए जा चुके हैं। बाकी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी लक्ष्य आवंटन की प्रक्रिया आगे बढ़ रही है।
गरीब ग्रामीण युवाओं के लिए रोजगार से जुड़ी ट्रेनिंग
DDU-GKY केंद्र और राज्यों की भागीदारी वाली योजना है, जिसका उद्देश्य गरीब ग्रामीण युवाओं को रोजगार से जुड़ा कौशल प्रशिक्षण देना है। प्रशिक्षण की अवधि कोर्स के अनुसार तीन से 12 महीने तक हो सकती है।
सरकारी जानकारी के मुताबिक DDU-GKY 2.0 के नए दिशानिर्देशों में उद्योग की जरूरतों के अनुरूप प्रशिक्षण, रोजगार में टिकाव, पोस्ट-प्लेसमेंट सहायता और आगे की upskilling तथा reskilling पर अधिक ध्यान दिया गया है। इलेक्ट्रिक वाहन रखरखाव, renewable energy, logistics, healthcare, retail, hospitality और media & entertainment जैसे उभरते क्षेत्रों को भी प्राथमिकता दी जा रही है।
सभी 31 राज्यों और UTs के लिए लक्ष्य तय
मंत्रालय ने बताया कि वर्ष 2026 से 2028 की दो साल की अवधि के लिए DDU-GKY 2.0 में भाग लेने वाले सभी 31 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के लिए प्रशिक्षण लक्ष्य निर्धारित किए गए हैं।
राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों से कहा गया है कि वे Project Implementing Agencies को लक्ष्य का आवंटन तेजी से पूरा करें और तय समयसीमा के अनुसार प्रशिक्षण बैच शुरू करें। लक्ष्य आवंटन की प्रक्रिया 31 अक्टूबर 2026 तक पूरी करने की सलाह दी गई है। मंत्रालय को मिली जानकारी के अनुसार, पात्र ग्रामीण युवाओं को mobilise करने के लिए पांच लाख से ज्यादा प्रशिक्षण लक्ष्य पहले ही एजेंसियों को दिए जा चुके हैं।
Digital Portal से होगी पूरी प्रक्रिया की निगरानी
DDU-GKY 2.0 के तहत एक Integrated Digital Portal भी लागू किया गया है। यह पोर्टल परियोजना के पूरे lifecycle को डिजिटल तरीके से संभालने, निगरानी बढ़ाने और प्रक्रिया में पारदर्शिता तथा दक्षता सुधारने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा है।
मंत्रालय ने राज्यों के State Treasury Portals के साथ इस पोर्टल के integration की भी समीक्षा की है। जिन राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में यह integration अभी बाकी है, उन्हें 30 सितंबर 2026 तक प्रक्रिया पूरी करने को कहा गया है। इससे Grameen Kaushal Portal के जरिए online payments की सुविधा को आगे बढ़ाया जा सकेगा।
चार शहरों में होंगे विशेष वर्कशॉप
Project Implementing Agencies को डिजिटल प्लेटफॉर्म की जानकारी देने के लिए अक्टूबर में चार जगहों पर hybrid mode में regional workshops आयोजित किए जाएंगे।
इनमें 5 अक्टूबर को शिलांग, 7 अक्टूबर को विजयवाड़ा, 9 अक्टूबर को मुंबई और 16 अक्टूबर को धर्मशाला में कार्यशालाएं होंगी। इन कार्यक्रमों में एजेंसियों को DDU-GKY 2.0 पोर्टल की प्रक्रियाओं और सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। साथ ही implementation से जुड़ी समस्याओं पर भी चर्चा की जाएगी।
रोजगार के साथ आगे की स्किलिंग पर भी जोर
DDU-GKY 2.0 में केवल ट्रेनिंग देने के बजाय रोजगार के बाद युवाओं के टिकाव पर भी जोर दिया गया है। सरकारी दिशा-निर्देशों में कम से कम 70 प्रतिशत placement outcome का लक्ष्य रखा गया है, जिसमें अधिकतम 20 प्रतिशत self-employment या gig employment शामिल हो सकता है। इसके साथ post-placement tracking, counselling, migration support और grievance redressal जैसी सुविधाओं पर भी जोर दिया गया है।
अक्टूबर से बढ़ेगी ट्रेनिंग गतिविधियां
ग्रामीण विकास मंत्रालय को उम्मीद है कि ज्यादातर राज्य और केंद्र शासित प्रदेश अक्टूबर के दौरान eligible rural youth की mobilisation और training शुरू कर देंगे। ट्रेनिंग बैच शुरू होने के साथ योजना पर होने वाला खर्च भी बढ़ने की उम्मीद है।
DDU-GKY 2.0 के जरिए सरकार ग्रामीण युवाओं को उद्योग की बदलती जरूरतों के अनुरूप कौशल देने और उन्हें रोजगार से जोड़ने की दिशा में प्रशिक्षण व्यवस्था को आगे बढ़ा रही है।

