नई दिल्ली. Delhi Classroom Construction Scam को लेकर Anti-Corruption Branch (ACB) ने आम आदमी पार्टी (AAP) के दो बड़े नेताओं को समन भेजकर जांच की प्रक्रिया को तेज़ कर दिया है। घोटाले से जुड़े आरोपों के सिलसिले में पूर्व डिप्टी सीएम मनीष सिसोदिया (Manish Sisodia) और पूर्व मंत्री सत्येंद्र जैन (Satyendar Jain) को ACB ने अलग-अलग तारीखों पर पेश होने के लिए कहा है।
कौन, कब और क्यों तलब हुआ?
Satyendar Jain Summoned: उन्हें 6 जून को ACB ऑफिस में पेश होने का आदेश दिया गया है। Manish Sisodia Summoned उन्हें 9 जून को पूछताछ के लिए बुलाया गया है। यह समन उस FIR के आधार पर भेजा गया है, जिसे 30 अप्रैल को दर्ज किया गया था। FIR में दोनों नेताओं पर दिल्ली सरकार के दौरान सरकारी स्कूलों में क्लासरूम निर्माण में घोटाले (Classroom Scam in Delhi) के आरोप लगाए गए हैं।
क्या है ₹2000 करोड़ का क्लासरूम निर्माण घोटाला?
मामला 2015-2023 के दौरान दिल्ली सरकार द्वारा 12,748 क्लासरूम या अर्ध-स्थायी संरचनाओं के निर्माण से जुड़ा है। इसके लिए 34 प्राइवेट फर्म्स को कॉन्ट्रैक्ट दिया गया, जिनमें से कई का कथित रूप से आम आदमी पार्टी से सीधा संबंध बताया गया है। निर्माण कार्य समय पर पूरा नहीं हुआ, जिससे Project Cost में भारी बढ़ोतरी हुई।ACB चीफ मधुर वर्मा के अनुसार, टेंडर प्रक्रिया और निष्पादन में गंभीर अनियमितताएं पाई गई हैं।
AAP नेताओं की भूमिका: सिसोदिया और जैन कैसे जुड़े?
Manish Sisodia, उस दौरान दिल्ली के Finance और Education Minister थे, और इस प्रोजेक्ट की फंडिंग तथा मंजूरी में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण रही।
Satyendar Jain, उस समय PWD, Urban Development, और अन्य विभागों को संभाल रहे थे, जो निर्माण कार्यों के क्रियान्वयन में शामिल थे।
आम आदमी पार्टी का पलटवार: “राजनीतिक बदले की कार्रवाई”
ACB की इस कार्रवाई पर आम आदमी पार्टी ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। पार्टी ने कहा कि यह कोई घोटाला नहीं है, बल्कि BJP द्वारा AAP को निशाना बनाने की एक राजनीतिक साजिश है। जब हमारी सरकार थी, तब बीजेपी ने ACB की ताकत कमजोर कर दी थी। अब उसी संस्थान का इस्तेमाल राजनीतिक मकसद के लिए हो रहा है। AAP vs BJP की इस राजनीतिक लड़ाई ने इस घोटाले को केवल कानूनी नहीं, बल्कि राजनीतिक विवाद का रूप भी दे दिया है।
आगे क्या हो सकता है?
अगर ACB की जांच में आरोप सही साबित होते हैं, तो यह घोटाला मनीष सिसोदिया और सत्येंद्र जैन की राजनीतिक और कानूनी मुश्किलें बढ़ा सकता है। यह मामला आगामी चुनावों से पहले Delhi Politics में बड़ा मुद्दा बन सकता है।
