नई दिल्ली. दिल्ली-NCR मंगलवार सुबह घने जहरीले धुंध की चपेट में रहा। राजधानी का औसत Air Quality Index (AQI) 363 दर्ज किया गया, जो ‘बहुत खराब’ (Very Poor) श्रेणी में आता है। GRAP-III लागू होने के बावजूद हवा की गुणवत्ता में सोमवार की तुलना में कोई खास सुधार नहीं हुआ।
दिल्ली के कई इलाकों में AQI खतरनाक स्तर पर
सेंट्रल पॉल्यूशन कंट्रोल बोर्ड (CPCB) के मुताबिक राजधानी के कई इलाकों में AQI बेहद खराब स्थिति में पहुंचा वज़ीरपुर: 400, आनंद विहार: 401 (Severe श्रेणी),बवाना: 388,NSIT द्वारका: 314,चांदनी चौक: 354, आरके पुरम: 390,ITO: 384,पंजाबी बाग: 391,पटपड़गंज: 378,द्वारका सेक्टर-8: 379 AIIMS और सफदरजंग अस्पताल के आसपास धुंध की वजह से दृश्यता बेहद कम दर्ज की गई।
NCR के शहरों में भी बेहद खराब हवा
दिल्ली के साथ ही नोएडा, गुरुग्राम, गाजियाबाद और फरीदाबाद में भी हवा की गुणवत्ता चिंताजनक स्तर पर बनी हुई है।
कई इलाकों में AQI लगातार 350 से 400 के बीच दर्ज किया गया, जो सांस से जुड़ी समस्याओं वाले लोगों के लिए बेहद खतरनाक माना जाता है।
GRAP-III लागू, फिर भी सुधार क्यों नहीं?
विशेषज्ञों के अनुसार हवा में सुधार न होने की प्रमुख वजहें—
हवा की गति धीमी होना
तापमान गिरने से प्रदूषक जमीन पर जमा होना
पराली जलाने के मामलों में कमी के बावजूद स्थानीय प्रदूषण का बढ़ना
वाहनों व निर्माण गतिविधियों का प्रदूषण
GRAP-III के तहत दिल्ली में—
निर्माण कार्य पर प्रतिबंध
डीज़ल जनरेटर सेट बंद
ट्रकों की आवाजाही पर रोक
जैसे कदम लागू हैं। स्वास्थ्य पर बढ़ता खतरा डॉक्टरों ने चेताया कि ऐसे AQI स्तर पर सांस लेने में दिक्कत, आंखों में जलन,दमा और हृदय रोगियों के लिए गंभीर जोखिम,बच्चों और बुजुर्गों पर अधिक प्रभाव हो सकता है। विशेषज्ञों ने लोगों को मास्क पहनने, सुबह की वॉक टालने और कम से कम समय बाहर बिताने की सलाह दी है।
