नई दिल्ली. बिहार के मुख्यमंत्री Nitish Kumar ने गुरुवार को राज्यसभा चुनाव के लिए नामांकन दाखिल कर दिया। नामांकन के दौरान केंद्रीय गृह मंत्री Amit Shah सहित एनडीए के कई वरिष्ठ नेता मौजूद रहे। नामांकन दाखिल करने के बाद नीतीश कुमार अमित शाह और अन्य नेताओं के साथ पटना स्थित स्टेट गेस्ट हाउस पहुंचे।
सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर पोस्ट करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि उनके राजनीतिक जीवन की शुरुआत से ही यह इच्छा रही है कि वे राज्य विधानमंडल के दोनों सदनों और संसद के दोनों सदनों के सदस्य बनें। उन्होंने पहले लोकसभा सांसद, विधायक (MLA) और विधान परिषद सदस्य (MLC) के रूप में काम किया है, और अब राज्यसभा सदस्य बनने के साथ उनका यह लक्ष्य पूरा हो जाएगा।
नीतीश कुमार 10 बार मुख्यमंत्री पद संभाल चुके
इससे पहले दिन में ही उन्होंने राज्यसभा चुनाव लड़ने की घोषणा कर दी थी। इसके साथ ही करीब दो दशकों से अधिक समय तक बिहार के मुख्यमंत्री रहने के उनके कार्यकाल का अंत हो गया। नीतीश कुमार 2005 से अब तक रिकॉर्ड 10 बार मुख्यमंत्री पद संभाल चुके हैं।
उन्होंने बिहार की जनता का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि पिछले दो दशकों में जनता के भरोसे और समर्थन के दम पर उन्होंने पूरी निष्ठा से राज्य की सेवा की है। उन्होंने कहा कि इसी विश्वास की ताकत से बिहार ने विकास और सम्मान की नई पहचान बनाई है।
नीतीश कुमार ने यह भी कहा कि राज्य में बनने वाली नई सरकार को उनका पूरा सहयोग और मार्गदर्शन मिलेगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बिहार के विकास के लिए उनका संकल्प आगे भी कायम रहेगा।
पिछले साल नवंबर में हुए विधानसभा चुनाव में एनडीए की बड़ी जीत के बाद अब माना जा रहा है कि राज्य में अगला मुख्यमंत्री Bharatiya Janata Party (भाजपा) का हो सकता है। ऐसा होने पर बिहार को पहली बार भाजपा का मुख्यमंत्री मिलेगा, क्योंकि हिंदी पट्टी के इस राज्य में अब तक पार्टी ने सीधे तौर पर मुख्यमंत्री पद नहीं संभाला है।
बिहार की पांच राज्यसभा सीटों के लिए 16 मार्च को मतदान होना है और नामांकन दाखिल करने की आखिरी तारीख गुरुवार है। राज्य विधानसभा में संख्या बल को देखते हुए नीतीश कुमार का राज्यसभा पहुंचना लगभग तय माना जा रहा है।
हालांकि, उनके इस फैसले के विरोध में सुबह से ही जेडीयू कार्यकर्ता उनके आवास के बाहर प्रदर्शन कर रहे हैं।
