नई दिल्ली: केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री और पूर्वोत्तर क्षेत्र विकास राज्य मंत्री डॉ. सुकांत मजूमदार (Sukanta Majumdar) ने कहा है कि Viksit Bharat–Guarantee for Rozgar and Ajeevika Mission (Gramin) Act, 2025 ग्रामीण भारत के कायाकल्प की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम साबित होगा।
ग्रामीण सशक्तिकरण की नई नींव
नई दिल्ली में मीडिया से बातचीत करते हुए डॉ. मजूमदार ने कहा कि यह अधिनियम सशक्तिकरण, समावेशी विकास (Inclusive Growth), विकास योजनाओं के कन्वर्जेंस और सैचुरेशन आधारित डिलीवरी सिस्टम को आगे बढ़ाने पर केंद्रित है। इससे एक समृद्ध, मजबूत और आत्मनिर्भर ग्रामीण भारत (Self-Reliant Rural India) की नींव मजबूत होगी।
रोजगार और आजीविका को मिलेगी गारंटी
मंत्री ने बताया कि इस कानून के जरिए ग्रामीण परिवारों को आय सुरक्षा (Income Security) मिलेगी,रोजगार और आजीविका के अवसर बढ़ेंगे
मजदूरी आधारित रोजगार को स्थायी और उत्पादक ग्रामीण परिसंपत्तियों (Durable Rural Assets) के निर्माण से जोड़ा जाएगा
इससे केवल अस्थायी रोजगार नहीं, बल्कि गांवों में लंबे समय तक लाभ देने वाली संरचनाएं विकसित होंगी।
प्रशासन और जवाबदेही में सुधार
डॉ. मजूमदार के अनुसार, यह अधिनियम:
शासन व्यवस्था (Governance) को आधुनिक बनाएगा
डिजिटल मॉनिटरिंग और जवाबदेही तंत्र को मजबूत करेगा
योजनाओं के क्रियान्वयन में पारदर्शिता और समयबद्धता सुनिश्चित करेगा
ग्रामीण शिक्षा ढांचे को मिलेगी मजबूती
उन्होंने यह भी बताया कि इस एक्ट के तहत ऐसे कार्यों को अनुमति दी गई है, जो सीधे तौर पर ग्रामीण शिक्षा इंफ्रास्ट्रक्चर को सशक्त बनाएंगे। इसके अंतर्गत:
स्कूलों की भौतिक सुविधाओं में सुधार
पेयजल, शौचालय, बिजली और डिजिटल कनेक्टिविटी जैसी मूलभूत सुविधाओं की उपलब्धता
लंबे समय से चली आ रही इंफ्रास्ट्रक्चर की कमी को दूर करना शामिल है
विकसित भारत के लक्ष्य की ओर कदम
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि Viksit Bharat-Gramin Act 2025 प्रधानमंत्री के Viksit Bharat Vision 2047 के अनुरूप है। यह कानून गांवों को विकास की मुख्यधारा से जोड़ते हुए रोजगार, शिक्षा और बुनियादी ढांचे के क्षेत्र में बड़ा बदलाव लाएगा।
Viksit Bharat–Gramin Act, 2025 ग्रामीण भारत के लिए सिर्फ एक योजना नहीं, बल्कि व्यवस्थागत सुधार और सामाजिक-आर्थिक परिवर्तन का रोडमैप है। इससे गांवों में रोजगार, आत्मनिर्भरता और जीवन स्तर में व्यापक सुधार होने की उम्मीद है।
