नई दिल्ली : स्वतंत्रता के बाद से साउथ ब्लॉक में स्थित प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) जल्द ही अपने ऐतिहासिक ठिकाने को अलविदा कहने वाला है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनवरी 14 (मकर संक्रांति) के बाद साउथ ब्लॉक से निकलकर नए सेवा तीर्थ (Executive Enclave) परिसर में शिफ्ट होने की संभावना है। यह जानकारी द इंडियन एक्सप्रेस ने सरकारी सूत्रों के हवाले से दी है।
केंद्रीय सत्ता का नया केंद्र
सेवा तीर्थ परिसर दारा शिकोह रोड (पूर्व में डलहौजी रोड) पर स्थित है और इसे सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना के तहत बनाया गया है। इस परिसर में प्रधानमंत्री कार्यालय, कैबिनेट सचिवालय और राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद सचिवालय (NSCS) के लिए अलग-अलग इमारतें बनाई गई हैं।
पहले ही शिफ्ट हो चुका है कैबिनेट सचिवालय
सूत्रों के अनुसार, कैबिनेट सचिवालय सितंबर 2025 में ही नए परिसर में स्थानांतरित हो चुका है। वहीं, प्रधानमंत्री के शिफ्ट होने से पहले NSCS के भी जल्द ही सेवा तीर्थ में आने की उम्मीद है।
आधुनिक दफ्तर, भव्य पीएम कक्ष
नए पीएमओ भवन में अधिकांश कार्यालय आधुनिक वर्कस्पेस की तर्ज पर बनाए गए हैं, जैसे हाल ही में बने कर्तव्य भवन। हालांकि, प्रधानमंत्री के निजी कार्यालय और उच्चस्तरीय विदेशी दौरों से जुड़े औपचारिक कक्षों को विशेष रूप से भव्य रूप दिया गया है।
1189 करोड़ रुपये की परियोजना
सेवा तीर्थ परिसर का निर्माण केंद्रीय लोक निर्माण विभाग (CPWD) के लिए लार्सन एंड टूब्रो (L&T) ने किया है।
CPWD के अनुसार, नवंबर 2022 में 1189 करोड़ रुपये की लागत से यह ठेका दिया गया था, जो अनुमानित लागत से 10.44% कम था। परियोजना को 24 महीनों में पूरा करने की शर्त रखी गई थी।
साउथ और नॉर्थ ब्लॉक का संरक्षण कार्य
पीएमओ के शिफ्ट होने के बाद साउथ ब्लॉक के संरक्षण और रेट्रोफिटिंग का काम शुरू होगा। इससे पहले, गृह मंत्रालय और वित्त मंत्रालय के नए कर्तव्य भवन में जाने के बाद नॉर्थ ब्लॉक के संरक्षण कार्य की शुरुआत पिछले साल हो चुकी है।
सेंट्रल विस्टा पुनर्विकास परियोजना
2019 में घोषित इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत:
नया संसद भवन (2023 में पूरा)
उपराष्ट्रपति एन्क्लेव (2024 में पूरा)
10 नए कॉमन सेंट्रल सेक्रेटेरिएट भवन
का निर्माण शामिल है। इनमें से पहले तीन भवन 2025 में बनकर तैयार हुए और उन्हें कर्तव्य भवन नाम दिया गया।
पीएमओ के साउथ ब्लॉक से स्थानांतरण के साथ ही दिल्ली की सत्ता के इतिहास में एक महत्वपूर्ण अध्याय समाप्त होने जा रहा है।
