योग दिवस पर देश भर के किसान करेंगे ‘शव आसन’

22 जून को जब एक तरफ पूरी दुनिया योग कर रही होगी भारत के किसान ‘शव-आसन’ करके केन्द्र सरकार की किसान विरोधी नीतियों का विरोध करेंगे. यह फैसला भारतीय किसान यूनियन(भाकियू) ने तीन दिवसीय राष्ट्रीय कार्यकारिणी  की बैठक में लिया है. इस फैसले के तहत पूरे देश भर में किसान अपने फसल उत्पादों के साथ शव-आसन करेंगे. इसके लिए लखनऊ में खास तैयारी की जा रही है जहां प्रधानमंत्री योग के एक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पहुंच रहे हैं.

हरिद्वार के लालकोठी में आयोजित तीन दिवसीय बैठक में भाकियू ने केन्द्र सरकार से लाभकारी न्यूनतम समर्थन मूल्य घोषित करने की मांग की है. भाकियू के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौधरी नरेश टिकैत ने कहा कि केंद्र की मोदी सरकार हर मौर्चे पर नाकाम साबित हो रही है। किसानों के भले के लिए केंद्र सरकार ने जितने भी वादे किए थे, उनमें से एक भी वादा पूरा नहीं किया गया है।

राष्ट्रीय किसान महासभा के अध्यक्ष शिव कुमार कक्का जी ने कहा कि देश की वर्तमान स्थिति में किसान मरा हुआ महसूस कर रहा है और अंतराष्ट्रीय योग दिवस पर यही एक आसन है जो हमपर फिट हो रहा है.

बैठक में प्रस्ताव पारित कर केंद्र सरकार से मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने, स्वामीनाथन की रिपोर्ट लागू करने, राज्यों में बिजली और खेती से जुडे़ हुए उपकरणों की कीमत वापस लेने की मांग की गई।

भारतीय किसान संगठन लंबी लड़ाई के मूड में दिख रही है. संगठन ने केन्द्र सरकार के खिलाफ 31 जुलाई को लखनऊ में किसान महापंचायत करने की घोषणा की है. इसके बाद दिल्ली में प्रदर्शन करने की योजना भी है.

भाकियू के प्रवक्ता राकेश टिकैत ने कहा कि किसानों से कर्ज माफी का वादा करके कई राज्यों में सत्ता हासिल करने वाली भाजपा एवं उसकी केंद्र सरकार अब खामोश है, जबकि भाजपा शासन में कर्ज से दुखी होकर आए दिन किसान आत्महत्या कर रहे हैं. उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार को जब किसानों ने वादा याद दिलाने का प्रयास किया तो उन पर लाठियां और गोलियां बरसाई गईं। इसके विरोध में किसानों ने सभी हाईवे पर शव आसन करने का निर्णय लिया है. उन्होंने सरकार को शवासन के दौरान यातायात बाधित करने के आरोप में किसानों पर बल प्रयोग नहीं करने का आग्रह किया है. उन्होंने कहा कि प्रदर्शन कर केंद्र सरकार को किसानों के नौ लाख करोड़ रुपये का कर्ज माफ करने, अन्य देशों से सरसों का आयात बंद करने, स्वामीनाथन आयोग की रिपोर्ट लागू करने, रासायनिक खादों और कीटनाशकों पर पूर्णतया प्रतिबंध लगाने आदि मांगों के साथ सरकार को उसके वायदे याद दिलाने की कोशिश की जाएगी.

किसान राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुबह 5 बजे से 9 बजे तक शव-आसन करने वाले हैं. इस दरम्यान सभी यातायात बाधित रहेंगे. एम्बुलेंस और मिलिट्री सेवा पर रोक नहीं होगी.