मंदसौर पहुंचने से पहले योगेन्द्र हुए गिरफ्तार

स्वराज इंडिया पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष योगेन्द्र यादव, नर्मदा आंदोलन की नेता मेधा पाटेकर और सामाजिक कार्यकर्ता स्वामी अग्नीवेश को उनके समर्थकों के साथ रविवार को मंदसौर जाने के क्रम में पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया.  पुलिस ने योगेन्द्र यादव के साथ 30 अन्य कार्यकर्ताओं को भी गिरफ्तार कर लिया. उन्हे रतलाम जिले के जावरा में गिरफ्तार किया गया.

पुलिस ने सेक्सन 151 के तहत योगेन्द्र यादव और उनकी पूरी टीम को गिरफ्तार किया. गिरफ्तारी के बाद योगेन्द्र यादव के समर्थक महो-नीमच मार्ग पर धरने पर बैठ गए. समर्थकों ने करीब एक घंटे तक नारेबाजी की.

रिहा होने के बाद योगेन्द्र यादव ने मीडियाकर्मियों से कहा, ‘‘हमारी गिरफ्तारी कानून के खिलाफ है क्योंकि हमें कोई लिखित आदेश नहीं दिखाया गया.’’ उन्होने कहा कि उनका समूह पीड़ित किसानों के परिवारों से शांतिपूर्वक मिलना चाहते थे और उन्हें एक पत्र तथा देश के विभिन्न हिस्सों से लायी गयी मिट्टी सौंपना चाहता थे ’’लेकिन हमें जाने की अनुमति नहीं दी गयी.’’

 

 

सामाजिक कार्यकर्ता मेधा पाटेकर ने कहा कि उन्हें यह नहीं समझ आ रहा कि शांति कैसे प्रभावित होगी। उन्होंने कहा, ‘‘हम वहां किसी धरना या प्रदर्शन के लिए नहीं जा रहे हैं, हम सिर्फ पीड़ित किसानों के परिवारों से मिलना चाहते हैं.’’

योगेन्द्र के टीम में जेएयू छात्र संघ के अध्यक्ष मोहित कुमार, डा. सुनिलम, अजीत यादव, बालकृष्ण, सोमनाथ आदि राजनैतिक-सामाजिक कार्यकर्ता शामिल रहे।

पुलिस मंदसौर बार्डर पर योगेद्र यादव के पहुंचने से पहले ही बैरिकेड लगा दिया. वहां भारी पुलिस बल की तैनाती की गयी थी. इसके अलावा पानी की बौछार करने वाली गाड़ी भी वहां मंगाए गए थे.

मध्यप्रदेश में किसान एक जून से आंदोलन कर रहे हैं. इसका केन्द्र मंदसौर बना. छह जून को प्रदर्शन कर रहे किसानोंं पर पुलिस की गोलीबारी से 6 किसानों की जान चली गयी. इसके बाद आंदोलन मंदसौर के आसपास के इलाके में भी फैल गया. किसान अपने फसल के लागत का डेढ गुणा दाम और ऋण माफी की मांग कर रहे हैं.

फोटो क्रेडिट- ट्विटर