नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना-ग्रामीण (PMAY-G) के तहत वित्त वर्ष 2026-27 के लिए पहली किस्त जारी कर दी है। ग्रामीण विकास को गति देने के उद्देश्य से सरकार ने 12 राज्यों के लिए ₹10,021.42 करोड़ की ‘मदर सैंक्शन’ मंजूर की है।
ग्रामीण विकास मंत्री Shivraj Singh Chouhan ने गुरुवार को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए इसकी घोषणा की। सरकार का लक्ष्य ग्रामीण क्षेत्रों में हर परिवार को पक्का घर और बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
अब तक 3.91 करोड़ घरों को मंजूरी
मंत्री के अनुसार, PMAY-G के तहत अब तक करीब 3.91 करोड़ घरों को मंजूरी दी जा चुकी है। इनमें से 3.5 करोड़ से अधिक घरों का निर्माण पूरा भी हो चुका है। सरकार का कहना है कि इस नई राशि से राज्यों को निर्माण कार्य तेज करने और लंबित आवास परियोजनाओं को पूरा करने में मदद मिलेगी।
क्या होती है ‘मदर सैंक्शन’?
मदर सैंक्शन केंद्र सरकार की ओर से वित्त वर्ष की शुरुआत में दी जाने वाली व्यापक वित्तीय स्वीकृति होती है। इसके तहत राज्यों के लिए खर्च की सीमा तय की जाती है, ताकि PMAY-G और मनरेगा जैसी केंद्रीय योजनाओं के लिए चरणबद्ध तरीके से फंड जारी किया जा सके। इस व्यवस्था का उद्देश्य योजनाओं के क्रियान्वयन को तेज और सुचारु बनाना है।
महिलाओं के नाम पर ज्यादा घर
सरकार के अनुसार, PMAY-G के तहत करीब 75 प्रतिशत घर महिलाओं के नाम या संयुक्त स्वामित्व में स्वीकृत किए गए हैं। इससे ग्रामीण महिलाओं की आर्थिक सुरक्षा और सामाजिक सम्मान को मजबूती मिली है। ग्रामीण विकास मंत्री ने राज्यों से लंबित शिकायतों का जल्द समाधान करने और 30 जून 2026 की समयसीमा से पहले राशि का सही उपयोग सुनिश्चित करने की अपील भी की।
ग्रामीण विकास पर सरकार का फोकस जारी
विशेषज्ञों के मुताबिक, PMAY-G देश की सबसे बड़ी ग्रामीण कल्याण योजनाओं में शामिल है। इस योजना ने करोड़ों परिवारों को पक्के घर उपलब्ध कराने के साथ ग्रामीण सामाजिक ढांचे को भी मजबूत किया है। सरकार का मानना है कि नई फंडिंग से ग्रामीण क्षेत्रों में आवास निर्माण को और रफ्तार मिलेगी तथा लोगों के जीवन स्तर में सुधार होगा।

