नई दिल्ली. सरकार ने Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 की विस्तृत जांच के लिए 31 सदस्यीय Joint Parliamentary Committee (JPC) का गठन किया है। लोकसभा सांसद संजय जायसवाल को इस संयुक्त संसदीय समिति की अध्यक्षता की जिम्मेदारी दी गई है। समिति का उद्देश्य प्रस्तावित संशोधन विधेयक के विभिन्न प्रावधानों की गहन समीक्षा करना और इसके प्रभावों पर विचार करना है।
लोकसभा और राज्यसभा के कई प्रमुख सदस्य शामिल
इस संयुक्त संसदीय समिति में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के सांसदों को शामिल किया गया है। लोकसभा से भर्तृहरि महताब, तेजस्वी सूर्या, निशिकांत दुबे, ए. राजा और सुप्रिया सुले समेत कई सांसद समिति का हिस्सा हैं। वहीं राज्यसभा से हर्षवर्धन श्रृंगला, संजय कुमार झा, प्रफुल्ल पटेल और मेनका गुरुस्वामी को समिति में जगह दी गई है।
12 अगस्त को दोनों सदनों ने दी थी मंजूरी
Foreign Contribution (Regulation) Amendment Bill, 2026 को आगे की जांच के लिए Joint Parliamentary Committee के पास भेजने को लोकसभा और राज्यसभा दोनों ने 12 अगस्त को मंजूरी दी थी। अब 31 सदस्यीय समिति विधेयक के प्रावधानों की विस्तृत समीक्षा करेगी और अपनी रिपोर्ट के जरिए आगे की संसदीय प्रक्रिया में योगदान देगी।
Foreign Contribution Regulation Act में होगा संशोधन
यह विधेयक Foreign Contribution (Regulation) Act, 2010 में आगे संशोधन करने के उद्देश्य से लाया गया है। सरकार के अनुसार प्रस्तावित बदलावों का प्रमुख उद्देश्य देश में मिलने वाले विदेशी योगदान के इस्तेमाल को अधिक Transparent और Accountable बनाना है। समिति अब विधेयक के प्रावधानों, विदेशी योगदान के नियमन और इसके इस्तेमाल से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर विचार करेगी।

