नई दिल्ली. राजस्थान में आगामी नगर निकाय चुनावों की तैयारियां तेज हो गई हैं। राज्य सरकार की ओर से अन्य पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक आरक्षण से जुड़ी रिपोर्ट को मंजूरी दिए जाने के बाद अब नगर निकायों में आरक्षण की लॉटरी निकालने की प्रक्रिया शुरू होने जा रही है। प्रदेश के 309 नगर निकायों के 10,245 वार्डों के लिए 13 अगस्त को आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। इसके अगले दिन 14 अगस्त को महापौर, सभापति और अध्यक्ष जैसे प्रमुख पदों के आरक्षण का फैसला होगा।
13 अगस्त को वार्डों के आरक्षण की लॉटरी
राजस्थान के 309 शहरी स्थानीय निकायों के 10,245 वार्डों के लिए 13 अगस्त 2026 को आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। यह प्रक्रिया जिला मुख्यालयों पर होगी और संबंधित जिला कलेक्टरों की निगरानी में पूरी की जाएगी।
लॉटरी के जरिए अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षित वार्ड तय किए जाएंगे। इसके बाद नगर निकाय चुनाव में किस वार्ड से कौन-सी श्रेणी का उम्मीदवार चुनाव लड़ सकेगा, इसकी तस्वीर साफ हो जाएगी।
14 अगस्त को प्रमुख पदों का आरक्षण तय होगा
वार्डों के बाद 14 अगस्त को नगर निकायों के प्रमुख पदों के लिए आरक्षण की लॉटरी निकाली जाएगी। यह प्रक्रिया स्थानीय निकाय निदेशालय में आयोजित होगी। इसमें 309 शहरी निकायों के महापौर, सभापति और अध्यक्ष पदों का आरक्षण तय किया जाएगा।
इन पदों के लिए भी अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, अन्य पिछड़ा वर्ग और महिलाओं के लिए आरक्षण का निर्धारण किया जाएगा। शहरी स्थानीय निकायों में महिलाओं को 33 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने का प्रावधान लागू रहेगा।
ओबीसी रिपोर्ट को मंजूरी के बाद बढ़ी चुनावी तैयारी
नगर निकायों में आरक्षण की प्रक्रिया को आगे बढ़ाने में अन्य पिछड़ा वर्ग से जुड़ी रिपोर्ट की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। राजस्थान राज्य अन्य पिछड़ा वर्ग आयोग ने राजनीतिक प्रतिनिधित्व को लेकर अपनी रिपोर्ट मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को सौंपी थी।
राज्य मंत्रिमंडल की ओर से रिपोर्ट को मंजूरी मिलने के बाद अब नगर निकायों में आरक्षण तय करने की प्रक्रिया शुरू हो रही है। लॉटरी पूरी होने के बाद आगामी चुनावों को लेकर राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की तैयारियां भी तेज होने की संभावना है।
‘एक राज्य-एक चुनाव’ के तहत चुनाव कराने की तैयारी
राजस्थान सरकार नगर निकाय और पंचायती राज संस्थाओं के चुनाव एक साथ कराने की दिशा में आगे बढ़ रही है। सरकार ने इसके लिए ‘एक राज्य-एक चुनाव’ व्यवस्था की तैयारी की है। इसका उद्देश्य अलग-अलग समय पर चुनाव कराने से होने वाले प्रशासनिक और आर्थिक खर्च को कम करना और विकास कार्यों में बार-बार आने वाली बाधाओं को दूर करना है।
आरक्षण की प्रक्रिया पूरी होने के बाद नगर निकाय चुनाव की आगे की तैयारियां भी तेजी से आगे बढ़ेंगी। चुनाव कार्यक्रम को लेकर प्रस्तावित तारीखों पर भी चर्चा चल रही है।
सितंबर में मतदान का प्रस्ताव
प्रस्तावित कार्यक्रम के अनुसार राजस्थान में नगर निकाय चुनाव के लिए 6 सितंबर और 9 सितंबर 2026 को मतदान कराया जा सकता है। चुनाव परिणाम 11 सितंबर को घोषित किए जाने का प्रस्ताव है। हालांकि अंतिम चुनाव कार्यक्रम की घोषणा संबंधित चुनावी प्रक्रिया पूरी होने के बाद होगी।
आरक्षण की लॉटरी पूरी होने के बाद उम्मीदवारों और राजनीतिक दलों को चुनावी मैदान की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। इसके बाद चुनाव प्रचार और उम्मीदवारों के चयन की प्रक्रिया में तेजी आने की उम्मीद है।
नवंबर तक पूरी होनी है चुनावी प्रक्रिया
राज्य में शहरी और ग्रामीण स्थानीय निकायों के चुनाव से जुड़ी पूरी प्रक्रिया को 15 नवंबर 2026 तक पूरा किया जाना है। इसी समयसीमा को ध्यान में रखते हुए सरकार और प्रशासन की ओर से आरक्षण से लेकर चुनाव की अन्य तैयारियां की जा रही हैं।
अब 13 और 14 अगस्त की आरक्षण लॉटरी पर सभी राजनीतिक दलों और संभावित उम्मीदवारों की नजर रहेगी। इन दो दिनों में वार्डों और प्रमुख पदों के आरक्षण की स्थिति सामने आने के बाद राजस्थान के नगर निकाय चुनाव की तस्वीर और स्पष्ट हो जाएगी।
