नई दिल्ली: भारतीय स्पेस स्टार्टअप GalaxEye ने अंतरिक्ष क्षेत्र में बड़ी उपलब्धि हासिल करते हुए Mission Drishti सैटेलाइट लॉन्च कर दिया है। यह दुनिया का पहला OptoSAR (Optical + Synthetic Aperture Radar) सैटेलाइट है, जिसे SpaceX के Falcon 9 रॉकेट के जरिए अमेरिका के कैलिफोर्निया से अंतरिक्ष में भेजा गया।
क्या है Mission Drishti की खासियत?
190 किलोग्राम वजनी Mission Drishti, किसी निजी भारतीय कंपनी द्वारा बनाया गया अब तक का सबसे बड़ा अर्थ ऑब्जर्वेशन सैटेलाइट है। इसकी सबसे बड़ी ताकत है हर मौसम में, 24×7 पृथ्वी की निगरानी करने की क्षमता। OptoSAR तकनीक के कारण यह सैटेलाइट बादल, बारिश या अंधेरे में भी साफ इमेज कैप्चर कर सकता है,जो पारंपरिक ऑप्टिकल सैटेलाइट्स से संभव नहीं होता।
देश के नेतृत्व ने जताई खुशी
उपराष्ट्रपति C. P. Radhakrishnan और प्रधानमंत्री Narendra Modi ने इस सफलता की सराहना की।उपराष्ट्रपति ने कहा कि Mission Drishti भारत के कमर्शियल स्पेस सेक्टर के लिए बड़ा कदम है।प्रधानमंत्री मोदी ने इसे युवा शक्ति और नवाचार का प्रतीक बताते हुए देश की अंतरिक्ष यात्रा में अहम उपलब्धि कहा।
भारत के स्पेस सेक्टर के लिए क्यों अहम है यह मिशन?
Mssion Drishti सिर्फ एक सैटेलाइट लॉन्च नहीं, बल्कि भारत के तेजी से बढ़ते प्राइवेट स्पेस इकोसिस्टम की ताकत का संकेत है।
आपदा प्रबंधन (Disaster Monitoring)
कृषि विश्लेषण
सीमा सुरक्षा
शहरी योजना
जैसे क्षेत्रों में यह सैटेलाइट बेहद उपयोगी साबित होगा। Mission Drishti की सफलता दिखाती है कि भारत अब सिर्फ सरकारी एजेंसियों तक सीमित नहीं है, बल्कि निजी स्टार्टअप्स भी वैश्विक स्पेस रेस में मजबूती से कदम रख रहे हैं। आने वाले समय में ऐसे मिशन भारत को स्पेस टेक्नोलॉजी में वैश्विक लीडर बना सकते हैं।
