गंगा संरक्षण कानून पर व्यापक चर्चा की आवश्यकता : उमा

गंगा संरक्षण पर मसौदा कानून का बारीकी से अध्ययन किया रहा है. व्यापक अध्ययन के बाद इस मसौदे को सार्वजनिक किया जाएगा. उक्त बातें केन्द्रीय जल संंसाधन मंत्री उमा भारती ने सोमवार को आयोजित एक प्रेस कांफ्रेस में कही.  उन्होंने कहा कि न्यायमूर्ति गिरधर मालवीय ने विधेयक का बहुत अच्छा मसौदा तैयार किया है. हालांकि मसौदा कानून में सजा के प्रावधानों के बारे में उन्होंने टिप्पणी करने से इनकार कर दिया. उन्होनें कहा की गंगा के संरक्षण के लिए कानूनी प्रावधान का होना जरूरी है.

उमा भारती ने कहा कि कानपुर में गंगा नदी सबसे अधिक प्रदूषित हो चुकी है. उन्होनें कहा कि राज्य सरकार से शहर के उद्योगोंं और टेनरी को हटाने की बातचीत चल रही है.

पिछले साल जुलाई में केन्द्र सरकार ने गंगा संरक्षण से संबंधित मसौदा कानून बनाने के लिए न्यायमूर्ति मालवीय की अध्यक्षता में कमेटी का गठन किया था. 12 अप्रैल को कमेटी ने गंगा संंरक्षण से संबंंधित मसौदा कानून को केन्द्रीय  जल संसाधन मंत्री को सौंंप दिया. इसके बाद गंगा संरक्षण से संबंधित ठोस कानून और निर्णय आने की संभावना है.