नई दिल्ली. केंद्र सरकार ने गन्ना किसानों को राहत देते हुए 2026-27 शुगर सीजन (अक्टूबर–सितंबर) के लिए फेयर एंड रिम्यूनरेटिव प्राइस (FRP) में ₹10 प्रति क्विंटल की बढ़ोतरी कर दी है। यह फैसला Cabinet Committee on Economic Affairs की बैठक में लिया गया।
नई FRP ₹365 प्रति क्विंटल घोषित
सरकार ने 10.25% बेसिक शुगर रिकवरी रेट पर गन्ने का FRP ₹365 प्रति क्विंटल तय किया है। यह पिछले साल की तुलना में बढ़ा हुआ है और किसानों को बेहतर दाम सुनिश्चित करेगा।
रिकवरी रेट के आधार पर मिलेगा प्रीमियम
सरकार ने साफ किया है कि यदि शुगर रिकवरी 10.25% से अधिक होती है, तो हर 0.1% वृद्धि पर ₹3.56 प्रति क्विंटल का अतिरिक्त प्रीमियम मिलेगा। वहीं, रिकवरी कम होने पर इसी दर से कटौती भी होगी।
कम रिकवरी पर भी किसानों को सुरक्षा
किसानों के हितों की रक्षा के लिए सरकार ने यह भी तय किया है कि 9.5% से कम रिकवरी होने पर कोई कटौती नहीं की जाएगी। ऐसे मामलों में किसानों को ₹338.3 प्रति क्विंटल का न्यूनतम मूल्य मिलेगा।
लागत से 100% ज्यादा बताया गया FRP
सरकार का दावा है कि यह FRP उत्पादन लागत से करीब 100.5% अधिक है, जिससे किसानों को अच्छा लाभ मिलेगा। यह मौजूदा 2025-26 सीजन के मुकाबले 2.81% ज्यादा है।
कपास मिशन को भी मिली मंजूरी
कैबिनेट ने साथ ही ₹5,659.22 करोड़ के “मिशन फॉर कॉटन प्रोडक्टिविटी” को भी मंजूरी दी है, जो 2026-27 से 2030-31 तक लागू रहेगा। इसका उद्देश्य कपास उत्पादन बढ़ाना, गुणवत्ता सुधारना और किसानों की आय बढ़ाना है।
कपास क्षेत्र में नई तकनीक और बीजों पर जोर
इस मिशन के तहत हाई यील्डिंग, कीट-रोधी और जलवायु के अनुकूल बीज विकसित किए जाएंगे। साथ ही आधुनिक खेती तकनीकों जैसे हाई डेंसिटी प्लांटिंग सिस्टम (HDPS) को बढ़ावा दिया जाएगा।
सूरजमुखी किसानों को MSP पर खरीद का लाभ
सरकार ने कर्नाटक में रबी 2026 सीजन के लिए 9,023 मीट्रिक टन सूरजमुखी की खरीद न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर करने का फैसला लिया है। यह खरीद Ministry of Agriculture and Farmers Welfare के तहत की जाएगी।
₹69 करोड़ से अधिक का MSP समर्थन
इस फैसले के तहत सूरजमुखी किसानों को ₹69.66 करोड़ से अधिक का समर्थन मिलेगा, जिससे उन्हें उनकी फसल का उचित दाम मिल सकेगा।
महाराष्ट्र में चना खरीद सीमा बढ़ाई गई
सरकार ने महाराष्ट्र में रबी 2025-26 सीजन के लिए चना खरीद की अधिकतम सीमा बढ़ाकर 8,19,882 मीट्रिक टन कर दी है। इससे किसानों को MSP का लाभ अधिक मात्रा में मिल सकेगा। कुल मिलाकर किसानों को ₹4,800 करोड़ से ज्यादा का समर्थन। इन सभी फैसलों के जरिए सरकार किसानों को ₹4,886 करोड़ से ज्यादा का MSP समर्थन देने जा रही है, जिससे कृषि क्षेत्र को मजबूती मिलेगी।
किसानों की आय बढ़ाने पर सरकार का फोकस
इन निर्णयों से साफ है कि सरकार का मुख्य उद्देश्य किसानों को उनकी उपज का बेहतर मूल्य दिलाना और उनकी आय बढ़ाना है। यह कदम कृषि क्षेत्र में स्थिरता और विकास को बढ़ावा देगा।
