नई दिल्ली. देश के कई हिस्सों में कम बारिश और अल नीनो (El Niño) के संभावित असर को देखते हुए प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक की। प्रधानमंत्री के प्रधान सचिव डॉ. पी.के. मिश्रा की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में 15 से अधिक मंत्रालयों के सचिव और वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में मानसून की स्थिति, सूखे की आशंका और उससे निपटने की तैयारियों की विस्तार से समीक्षा की गई।
कम बारिश वाले जिलों पर रहेगी लगातार नजर
बैठक में डॉ. पी.के. मिश्रा ने निर्देश दिए कि जिन जिलों में मानसून कमजोर है या बारिश में देरी हो रही है, वहां की स्थिति पर लगातार नजर रखी जाए। उन्होंने राज्यों के साथ मिलकर संवेदनशील जिलों का नियमित आकलन करने और जरूरत पड़ने पर तुरंत राहत एवं बचाव के कदम उठाने को कहा।
पीने के पानी को बताया सबसे बड़ी प्राथमिकता
प्रधान सचिव ने कहा कि जिन इलाकों में पानी की कमी की आशंका है, वहां लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध कराना सरकार की सबसे बड़ी प्राथमिकता होनी चाहिए। उन्होंने जलाशयों के पानी का सही उपयोग करने और उपलब्ध जल संसाधनों के बेहतर प्रबंधन पर जोर दिया।
जुलाई-अगस्त में रह सकता है कमजोर से मध्यम अल नीनो
बैठक में भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने जून और जुलाई की बारिश की स्थिति की जानकारी दी। मौसम विभाग के महानिदेशक ने बताया कि जुलाई और अगस्त के दौरान कमजोर से मध्यम स्तर का अल नीनो प्रभाव देखने को मिल सकता है, जिससे कुछ क्षेत्रों में सामान्य से कम बारिश होने की संभावना है।
खरीफ फसलों के लिए तैयार है कृषि विभाग
कृषि मंत्रालय ने खरीफ सीजन की तैयारियों की जानकारी देते हुए बताया कि राज्यों के साथ हर सप्ताह क्रॉप वेदर वॉच ग्रुप की बैठक हो रही है, ताकि मौसम के अनुसार समय पर फैसले लिए जा सकें। इसके अलावा 262 संवेदनशील जिलों के लिए जिला कृषि आकस्मिक योजना (District Agriculture Contingency Plan) को अपडेट किया गया है। साथ ही प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना और किसान क्रेडिट कार्ड के प्रचार अभियान भी शुरू कर दिए गए हैं।
पशुओं के चारे और पेयजल की भी होगी निगरानी
पशुपालन एवं डेयरी विभाग को सूखे चारे, हरे चारे और पशु आहार की उपलब्धता का राज्य और जिला स्तर पर आकलन करने के निर्देश दिए गए हैं। वहीं, पेयजल एवं स्वच्छता विभाग ने बताया कि फिलहाल स्थिति सामान्य है और लगातार निगरानी की जा रही है।
स्वास्थ्य विभाग ने जारी की एडवाइजरी
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय ने हीटवेव, अधिक नमी और डेंगू जैसी बीमारियों से बचाव के लिए पहले ही एडवाइजरी जारी कर दी है। सरकार ने यह भी सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं कि मौसम संबंधी सभी अलर्ट और सलाह गांव स्तर तक समय पर पहुंचें।
जरूरी सामान, खाद और बिजली पर भी रहेगी नजर
बैठक में उपभोक्ता मामलों और उर्वरक विभाग को आवश्यक वस्तुओं और खाद की उपलब्धता पर लगातार नजर रखने के निर्देश दिए गए। बिजली मंत्रालय ने देश में बिजली उत्पादन और आपूर्ति की स्थिति की जानकारी दी, जबकि ग्रामीण विकास मंत्रालय ने बताया कि विकसित भारत-गारंटी रोजगार एवं आजीविका मिशन (VB-G RAM) के तहत 1 जुलाई से कई विकास कार्य शुरू हो चुके हैं।
जलवायु के अनुसार बीजों के इस्तेमाल पर जोर
कृषि अनुसंधान एवं शिक्षा विभाग ने बताया कि जलवायु परिवर्तन के प्रभाव को देखते हुए क्लाइमेट रेजिलिएंट (Climate Resilient) बीजों के उपयोग को बढ़ावा दिया जा रहा है। सरकार का लक्ष्य किसानों को बदलते मौसम के अनुसार बेहतर विकल्प उपलब्ध कराना है।
केंद्र सरकार का कहना है कि अल नीनो के संभावित प्रभाव को देखते हुए सभी मंत्रालय आपसी समन्वय के साथ काम कर रहे हैं, ताकि किसानों, आम लोगों और देश की अर्थव्यवस्था पर इसका असर कम से कम हो सके।
