नई दिल्ली. भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने सोमवार को अपनी नई National Office Bearers Team का ऐलान कर दिया। पार्टी के 12वें राष्ट्रीय अध्यक्ष के तौर पर नितिन नबीन की नियुक्ति के करीब सात महीने बाद संगठन में बड़े स्तर पर जिम्मेदारियों का बंटवारा किया गया है। नई टीम में पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी, वरिष्ठ नेता राम माधव और पूर्व त्रिपुरा मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब समेत कई प्रमुख नेताओं को अहम पद दिए गए हैं।
स्मृति ईरानी बनीं राष्ट्रीय महासचिव
पूर्व केंद्रीय मंत्री स्मृति ईरानी को BJP के आठ National General Secretaries में शामिल किया गया है। वहीं पार्टी के वरिष्ठ नेता और पूर्व राष्ट्रीय महासचिव राम माधव को National Vice President की जिम्मेदारी दी गई है। पूर्व त्रिपुरा मुख्यमंत्री बिप्लब कुमार देब को भी राष्ट्रीय महासचिव नियुक्त किया गया है।
केंद्रीय मंत्री पीयूष गोयल को पार्टी का Treasurer बनाया गया है। वह इससे पहले 2010 से 2014 तक इस पद की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वहीं अनिल बलूनी को BJP Media In-charge के पद पर बरकरार रखा गया है।
पीएम मोदी ने नई टीम को दी बधाई
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने BJP के नए National Office Bearers को बधाई दी है। उन्होंने कहा कि नई टीम में संगठनात्मक अनुभव, ऊर्जा और जमीनी स्तर से जुड़ाव का बेहतर मेल देखने को मिलता है। प्रधानमंत्री ने भरोसा जताया कि पार्टी के नए पदाधिकारी संगठन को मजबूत करने और जनसेवा पर ध्यान केंद्रित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
आठ राष्ट्रीय महासचिवों में सिर्फ दो पुराने चेहरे बरकरार
BJP ने कुल आठ राष्ट्रीय महासचिवों के नाम घोषित किए हैं। इनमें विनोद तावड़े और सुनील बंसल को बरकरार रखा गया है। दोनों नेताओं ने अलग-अलग राज्यों के विधानसभा चुनावों में पार्टी के Election In-charge के तौर पर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
आगामी विधानसभा चुनावों को देखते हुए दोनों को जिम्मेदारी में बनाए रखना महत्वपूर्ण माना जा रहा है। सुनील बंसल ने पश्चिम बंगाल में संगठन और चुनावी रणनीति में अहम भूमिका निभाई है, जबकि विनोद तावड़े केरल चुनाव के प्रभारी रहे हैं। इसके अलावा उन्होंने बिहार में भी पार्टी के प्रभारी के तौर पर काम किया है।
जातीय और क्षेत्रीय संतुलन पर भी जोर
नई टीम में अलग-अलग सामाजिक वर्गों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व दिखाई देता है। पूर्व सांसद हरीश द्विवेदी को राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है। वह हाल में असम के राज्य प्रभारी की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। राजस्थान BJP के पूर्व प्रदेश अध्यक्ष और OBC नेता सतीश पूनिया को भी राष्ट्रीय महासचिव बनाया गया है।
मध्य प्रदेश के ST नेता गजेंद्र पटेल और संजय भाटिया को भी राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी दी गई है। माना जा रहा है कि नई टीम में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने की कोशिश की गई है।
अरुण सिंह और राधा मोहन दास अग्रवाल नई सूची से बाहर
नई राष्ट्रीय टीम में लंबे समय से राष्ट्रीय महासचिव की जिम्मेदारी संभाल रहे अरुण सिंह को जगह नहीं मिली है। वह 2015 से इस पद पर थे। वहीं 2023 में राष्ट्रीय महासचिव बनाए गए राधा मोहन दास अग्रवाल का नाम भी नई सूची में नहीं है। दोनों नेता राज्यसभा सांसद हैं।
इसके अलावा दुष्यंत गौतम को भी राष्ट्रीय महासचिव के पद से हटा दिया गया है। वह सितंबर 2020 से इस जिम्मेदारी को संभाल रहे थे और उत्तराखंड के राज्य प्रभारी भी रहे हैं।
पंजाब समेत चुनावी राज्यों पर पार्टी का फोकस
राज्यसभा के लिए हाल ही में चुने गए तरुण चुघ को अब चुनावी राज्य पंजाब का Office In-charge बनाया गया है। BJP की नई संगठनात्मक नियुक्तियों को आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों से जोड़कर भी देखा जा रहा है। पार्टी ने ऐसे नेताओं को महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां दी हैं, जिनके पास चुनावी प्रबंधन और संगठन को मजबूत करने का अनुभव है।
कई नेताओं को राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी
उत्तर प्रदेश के बुलंदशहर से तीन बार के सांसद भोला सिंह और मध्य प्रदेश से राज्यसभा सांसद एवं OBC नेता कविता पाटीदार को भी National Secretary बनाया गया है। इनके अलावा 14 अन्य नेताओं को भी राष्ट्रीय सचिव की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
BJP की नई राष्ट्रीय टीम के ऐलान के साथ ही पार्टी के संगठनात्मक ढांचे में बदलाव की प्रक्रिया पूरी हो गई है। अब नई टीम के सामने संगठन को मजबूत करने के साथ-साथ आगामी विधानसभा चुनावों के लिए पार्टी की रणनीति को जमीन पर प्रभावी तरीके से लागू करने की चुनौती होगी।
