नई दिल्ली. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि Environment Protection और आने वाली पीढ़ियों के लिए सुरक्षित भविष्य सुनिश्चित करने के लिए बड़े स्तर पर Tree Plantation बेहद आवश्यक है। नई दिल्ली में आयोजित ‘वृक्ष मित्र कार्यक्रम’ और ‘पर्यावरण संरक्षण संकल्प’ कार्यक्रम को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया Climate Change और Global Warming जैसी गंभीर चुनौतियों का सामना कर रही है। ऐसे समय में पर्यावरण संरक्षण केवल सरकार की नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है।
जलवायु परिवर्तन को बताया गंभीर चेतावनी
शिवराज सिंह चौहान ने कहा कि वर्ष 1880 के बाद से समुद्रों का तापमान लगातार बढ़ा है और ग्लेशियरों के तेजी से पिघलने के कारण वैश्विक समुद्र स्तर में लगभग 20 से 23 सेंटीमीटर की वृद्धि दर्ज की गई है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1900 की तुलना में पृथ्वी का औसत तापमान करीब 1.5 डिग्री सेल्सियस बढ़ चुका है, जो जलवायु परिवर्तन का गंभीर संकेत है और इसे नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
प्रधानमंत्री मोदी की पर्यावरण संबंधी पहलों का किया उल्लेख
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ने जलवायु परिवर्तन से निपटने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। उन्होंने बताया कि देश में Renewable Energy Capacity में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है, जिससे स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा मिला है और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है।
‘एक पेड़ मां के नाम’ और Mission LiFE का किया जिक्र
शिवराज सिंह चौहान ने ‘Ek Ped Maa Ke Naam’ अभियान और Mission LiFE (Lifestyle for Environment) जैसी पहलों का उल्लेख करते हुए कहा कि इन अभियानों का उद्देश्य लोगों को पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना और प्रकृति के साथ संतुलित जीवनशैली अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उन्होंने लोगों से अधिक से अधिक पौधे लगाने और उनकी देखभाल करने की अपील की।
2070 तक Net Zero Carbon Emission का लक्ष्य
केंद्रीय मंत्री ने कहा कि भारत ने वर्ष 2070 तक Net Zero Carbon Emissions हासिल करने का लक्ष्य निर्धारित किया है। इस लक्ष्य को पूरा करने के लिए सरकार स्वच्छ ऊर्जा, हरित विकास और व्यापक वृक्षारोपण जैसे कई क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि यदि प्रत्येक नागरिक पर्यावरण संरक्षण के लिए अपनी जिम्मेदारी निभाए, तो जलवायु परिवर्तन की चुनौती का प्रभावी ढंग से मुकाबला किया जा सकता है।
