नई दिल्ली: केंद्र सरकार ने आज अटल पेंशन योजना (Atal Pension Yojana) को वर्ष 2030-31 तक जारी रखने को मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही योजना के प्रचार और विकास संबंधी गतिविधियों के लिए फंडिंग सपोर्ट बढ़ाने का भी फैसला किया गया है। यह निर्णय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में लिया गया। अटल पेंशन योजना की शुरुआत मई 2015 में असंगठित क्षेत्र के कामगारों को बुढ़ापे में आय सुरक्षा प्रदान करने के उद्देश्य से की गई थी।
8 करोड़ 66 लाख से अधिक सब्सक्राइबर पंजीकृत हो चुके
इस योजना के तहत 60 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद योगदान के आधार पर एक हजार से पांच हजार रुपये प्रति माह तक की गारंटीड पेंशन दी जाती है। अब तक योजना के तहत 8 करोड़ 66 लाख से अधिक सब्सक्राइबर पंजीकृत हो चुके हैं, जिससे यह देश की समावेशी सामाजिक सुरक्षा व्यवस्था का एक अहम स्तंभ बन
गई है।
इसके अलावा केंद्रीय कैबिनेट ने स्मॉल इंडस्ट्रीज डेवलपमेंट बैंक ऑफ इंडिया (SIDBI) को 5,000 करोड़ रुपये की इक्विटी सहायता देने को भी मंजूरी दी है। इस फैसले से करीब 25.74 लाख नए MSME लाभार्थियों को फायदा होने की उम्मीद है। इक्विटी कैपिटल इंफ्यूजन के बाद वित्त वर्ष 2025 के अंत तक 76 लाख से अधिक MSMEs को मिलने वाली वित्तीय सहायता बढ़कर वित्त वर्ष 2028 के अंत तक एक करोड़ से ज्यादा होने का अनुमान है।
30.16 करोड़ लोगों को रोजगार मिला
सरकारी आंकड़ों के मुताबिक 30 सितंबर 2025 तक 6.90 करोड़ MSMEs के जरिए 30.16 करोड़ लोगों को रोजगार मिला है। इसी औसत के आधार पर 25.74 लाख नए MSME लाभार्थियों के जुड़ने से वित्त वर्ष 2027-28 के अंत तक करीब 1.12 करोड़ नए रोजगार सृजित होने का अनुमान है। SIDBI में यह इक्विटी पूंजी वित्तीय सेवा विभाग द्वारा तीन चरणों में डाली जाएगी।
पहले चरण में वित्त वर्ष 2025-26 के दौरान 3,000 करोड़ रुपये की राशि 31 मार्च 2025 को निर्धारित 568.65 रुपये के बुक वैल्यू पर दी जाएगी। इसके बाद वित्त वर्ष 2026-27 और 2027-28 में एक-एक हजार करोड़ रुपये की इक्विटी संबंधित पिछले वित्त वर्ष की 31 मार्च की बुक वैल्यू के आधार पर डाली जाएगी।
