नई दिल्ली. बंगाल की खाड़ी में बना गहरा डिप्रेशन अब उत्तर आंध्र प्रदेश और दक्षिण ओडिशा के तट की ओर तेजी से बढ़ रहा है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) के मुताबिक, यह सिस्टम 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के आसपास से Deep Depression के रूप में तट पार कर सकता है। इसके प्रभाव से ओडिशा के कई हिस्सों में भारी से बहुत भारी बारिश हो रही है, जबकि कुछ इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की आशंका जताई गई है।
5 हजार से ज्यादा लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया
गहरे डिप्रेशन के खतरे को देखते हुए ओडिशा प्रशासन ने दक्षिणी जिलों में एहतियाती तैयारियां तेज कर दी हैं। गजपति जिले में करीब 5 हजार लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया गया है। इनमें गर्भवती महिलाएं और बुजुर्ग भी शामिल हैं। लोगों को साइक्लोन शेल्टर और अस्थायी राहत शिविरों में रखा गया है, जहां उनके लिए पका हुआ भोजन भी उपलब्ध कराया जा रहा है।
प्रशासन ने संभावित बाढ़ और भूस्खलन के खतरे को देखते हुए संवेदनशील इलाकों की निगरानी बढ़ा दी है। गजपति में करीब 140 भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान की गई है। बांधों में पानी के स्तर पर भी नजर रखी जा रही है और निचले इलाकों में जरूरी राहत सामग्री पहुंचाने की तैयारी की गई है।
कोरापुट में 230 मिमी बारिश, कई इलाकों में हालात बिगड़े
गहरे डिप्रेशन के प्रभाव से ओडिशा में बारिश काफी तेज हो गई है। 23 सितंबर की सुबह तक पिछले 24 घंटों में कोरापुट के सिमिलिगुड़ा में 230.2 मिमी बारिश दर्ज की गई। इसी जिले के जेयपोर में 161.6 मिमी बारिश हुई। नबरंगपुर के टेंटुलीखुंटी में 138 मिमी और नंदाहांडी में 128 मिमी बारिश दर्ज की गई।
भारी बारिश के कारण कई जिलों में घरों में पानी घुसने, पेड़ गिरने और कुछ मकानों के क्षतिग्रस्त होने की घटनाएं सामने आई हैं। पहाड़ी इलाकों में बारिश के कारण कीचड़ और पानी नीचे आने से भूस्खलन का खतरा भी बढ़ गया है।
IMD ने कई जिलों में जारी किया रेड अलर्ट
मौसम विभाग ने दक्षिणी ओडिशा के कई जिलों में भारी से अत्यधिक भारी बारिश की चेतावनी जारी की है। कोरापुट, मलकानगिरी, नबरंगपुर और कालाहांडी में रेड वार्निंग दी गई है, जहां अगले 24 घंटों में 20 सेंटीमीटर से ज्यादा बारिश होने की संभावना है। नबरंगपुर में 24 सितंबर के लिए भी रेड अलर्ट जारी किया गया है।
इसके अलावा दक्षिणी और तटीय ओडिशा के कई अन्य जिलों में ऑरेंज अलर्ट जारी किया गया है। इन इलाकों में 12 से 20 सेंटीमीटर तक बारिश होने की संभावना जताई गई है। IMD ने 23 और 24 सितंबर को ओडिशा में कई स्थानों पर भारी से बहुत भारी बारिश और कुछ जगहों पर अत्यधिक भारी बारिश का अनुमान जताया है।
आज रात कहां तट पार करेगा Deep Depression?
IMD के मुताबिक 23 सितंबर की सुबह 8:30 बजे Deep Depression ओडिशा के गोपालपुर से करीब 150 किलोमीटर दक्षिण और आंध्र प्रदेश के कलिंगपट्टनम से करीब 60 किलोमीटर दक्षिण-पूर्व में स्थित था। यह लगभग 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से पश्चिम दिशा की ओर बढ़ रहा था। मौसम विभाग के अनुसार इसके पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ने और 23 सितंबर की रात विशाखापत्तनम और गोपालपुर के बीच, कलिंगपट्टनम के आसपास तट पार करने की संभावना है।
हालांकि, फिलहाल इसे आधिकारिक रूप से Cyclonic Storm नहीं कहा गया है। IMD की मौजूदा जानकारी के अनुसार सिस्टम Deep Depression के रूप में ही तट पार करने की संभावना है।
आंध्र प्रदेश में भी भारी बारिश का असर
इस मौसम प्रणाली का असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में भी दिखाई दे रहा है। श्रीकाकुलम के पलासा में भारी बारिश दर्ज की गई, जबकि सोमपेटा, कलिंगपट्टनम और टेक्कली जैसे इलाकों में भी तेज बारिश हुई है। विशाखापत्तनम समेत कई तटीय क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है।
मौसम विभाग ने तटीय आंध्र प्रदेश में भी भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी दी है। तेज हवाओं के कारण समुद्र की स्थिति खराब से बहुत खराब रहने की आशंका है।
ओडिशा के कई जिलों में स्कूल-कॉलेज बंद
भारी बारिश और मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए ओडिशा के कई जिलों में स्कूल, कॉलेज और आंगनवाड़ी केंद्र बंद रखने का फैसला लिया गया है। मलकानगिरी में 23 से 25 सितंबर तक शैक्षणिक संस्थान बंद रहेंगे। वहीं खुर्दा, नबरंगपुर, गंजाम, कोरापुट, रायगड़ा और बोलांगीर में 23 और 24 सितंबर को संस्थान बंद रखने का निर्णय लिया गया है। पुरी, जगतसिंहपुर और कालाहांडी में भी 23 सितंबर को शैक्षणिक संस्थान बंद रखे गए हैं।
मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह
IMD ने ओडिशा और पश्चिम बंगाल के तटों के साथ-साथ उत्तर बंगाल की खाड़ी में मछुआरों को समुद्र में नहीं जाने की सलाह दी है। मौसम प्रणाली के प्रभाव से 55 से 65 किलोमीटर प्रति घंटे तक तेज हवाएं चलने की संभावना है। तटीय इलाकों में समुद्र की स्थिति भी खराब रहने की चेतावनी दी गई है।
प्रशासन ने संवेदनशील इलाकों में राहत और बचाव की तैयारियां बढ़ा दी हैं। फिलहाल सबसे ज्यादा चिंता भारी बारिश के कारण अचानक बाढ़, जलभराव और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन को लेकर है। आने वाले घंटों में Deep Depression के तट पार करने के साथ ओडिशा और आंध्र प्रदेश के प्रभावित इलाकों में मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही है।

