नई दिल्ली. भारत की राष्ट्रपति और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर द्रौपदी मुर्मू ने शनिवार को देहरादून स्थित भारतीय सैन्य अकादमी (IMA) में आयोजित पासिंग आउट परेड (POP) में मुख्य अतिथि और रिव्यूइंग ऑफिसर के रूप में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने 158वें रेगुलर कोर्स और 141वें टेक्निकल ग्रेजुएट कोर्स की भव्य परेड का निरीक्षण किया तथा भारतीय सेना में शामिल होने जा रहे युवा अधिकारियों को शुभकामनाएं दीं।
राष्ट्रहित को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान
अपने संबोधन में राष्ट्रपति ने कैडेटों को समर्पण, अनुशासन, देशभक्ति और कर्तव्यनिष्ठा के साथ राष्ट्र की सेवा करने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि सैन्य अधिकारी केवल देश की सीमाओं की रक्षा करने वाले सैनिक नहीं होते, बल्कि वे 140 करोड़ भारतीयों के विश्वास, उम्मीदों और सम्मान के भी संरक्षक होते हैं।
राष्ट्रपति ने कहा कि भारतीय सेना के अधिकारियों पर देश की सुरक्षा के साथ-साथ राष्ट्र की गरिमा और अखंडता को बनाए रखने की भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी होती है। उन्होंने नव नियुक्त अधिकारियों से हर परिस्थिति में अपने कर्तव्यों का निष्ठापूर्वक पालन करने का आह्वान किया।
IMA के इतिहास में नया अध्याय, 9 महिला कैडेट बनीं अधिकारी
इस वर्ष की पासिंग आउट परेड का सबसे खास आकर्षण नौ महिला कैडेटों का सफलतापूर्वक भारतीय सेना में कमीशन प्राप्त करना रहा। भारतीय सैन्य अकादमी के इतिहास में यह एक महत्वपूर्ण उपलब्धि मानी जा रही है।
राष्ट्रपति ने इसे महिला सशक्तिकरण और महिला-नेतृत्व वाले विकास की दिशा में एक बड़ा कदम बताया। उन्होंने कहा कि महिलाओं की बढ़ती भागीदारी देश को अधिक सक्षम और मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
16 मित्र देशों के कैडेट भी हुए पास आउट
समारोह में कुल 481 भारतीय जेंटलमैन कैडेटों ने प्रशिक्षण पूरा कर भारतीय सेना में अधिकारी के रूप में कदम रखा। इसके अलावा 16 मित्र देशों के 34 विदेशी कैडेट भी इस पासिंग आउट परेड का हिस्सा बने।
राष्ट्रपति ने कहा कि विभिन्न देशों के कैडेटों की भागीदारी भारत और अन्य देशों के बीच बढ़ते विश्वास, मित्रता और रक्षा सहयोग का प्रतीक है। इससे वैश्विक स्तर पर भारत की मजबूत होती रणनीतिक साझेदारी भी दिखाई देती है।
आधुनिक चुनौतियों के अनुरूप सेना को बनाना होगा और मजबूत
राष्ट्रपति मुर्मू ने कहा कि तेजी से बदलते वैश्विक सुरक्षा परिदृश्य और तकनीकी विकास के इस दौर में भारतीय सेना को नवाचार, आधुनिकीकरण और नई तकनीकों को अपनाने पर लगातार ध्यान देना होगा।
उन्होंने युवा अधिकारियों को सलाह दी कि वे नेतृत्व की मिसाल पेश करें, उच्च नैतिक मूल्यों को बनाए रखें और अपने अधीन सैनिकों के कल्याण तथा सैन्य अभियानों की प्रभावशीलता के बीच संतुलन स्थापित करें।
कई गणमान्य हस्तियां रहीं मौजूद
इस ऐतिहासिक समारोह में उत्तराखंड के राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) गुरमीत सिंह, मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी, भारतीय सैन्य अकादमी के कमांडेंट लेफ्टिनेंट जनरल नागेंद्र सिंह, वरिष्ठ सैन्य अधिकारी, प्रशासनिक अधिकारी और बड़ी संख्या में अतिथि मौजूद रहे।
समारोह के दौरान उपस्थित लोगों ने नव नियुक्त अधिकारियों का उत्साहवर्धन किया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
राष्ट्र की सुरक्षा में निभाएंगे अहम भूमिका
अपने संबोधन के अंत में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सभी नव नियुक्त सैन्य अधिकारियों को शुभकामनाएं देते हुए विश्वास जताया कि वे देश की सुरक्षा, सम्मान और अखंडता की रक्षा में महत्वपूर्ण योगदान देंगे। उन्होंने कहा कि भारतीय सेना के ये युवा अधिकारी आने वाले समय में राष्ट्र की रक्षा व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाने में अहम भूमिका निभाएंगे।
