नई दिल्ली: सरकार 1 अप्रैल 2026 से इनकम टैक्स एक्ट 1961 की जगह नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू कर रही है। यह देश के टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव होगा। आइए जानते हैं 10 अहम बदलाव जो निवेशकों और सैलरी पाने वालों को जानना जरूरी हैं।
- टैक्स ईयर की नई प्रणाली
सरकार ने पुरानी फाइनेंशियल ईयर और असेसमेंट ईयर की ड्यूल सिस्टम को खत्म कर सिंगल टैक्स ईयर लागू करने का फैसला किया है। अब 1 अप्रैल से होने वाली आय इसी टैक्स ईयर के तहत रिपोर्ट होगी।
- HRA नियमों में कड़ाई
हाउस रेंट अलाउंस (HRA) के लिए अब कर्मचारी को अपने मकान मालिक का PAN और किराए का प्रमाण देना अनिवार्य होगा। बिना PAN और रेंट प्रूफ के HRA लाभ नहीं मिलेगा।
- PAN नियमों में बदलाव
1 अप्रैल 2026 से PAN जरूरी होगा अगर किसी वित्तीय वर्ष में आय 10 लाख रुपये से अधिक हो। पहले यह नियम दैनिक 50,000 रुपये जमा करने पर लागू होता था।
इसके अलावा, अब सिर्फ Aadhaar के आधार पर PAN आवेदन स्वीकार नहीं होगा। इसके लिए वोटर आईडी, जन्म प्रमाण पत्र, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस जैसी DOB प्रमाण पत्र जमा करनी होगी।
- कैपिटल गेन टैक्स में बदलाव
अब शेयर बायबैक से प्राप्त राशि को कैपिटल गेन के रूप में टैक्स देना होगा। पुराने ‘डिम्ड डिविडेंड’ नियम अब लागू नहीं होंगे।
- सोवरेन गोल्ड बॉन्ड्स की टैक्स छूट में बदलाव
अब केवल ओरिजिनल इश्यू पर खरीदे गए SGBs की रिडेम्पशन पर टैक्स छूट मिलेगी। सेकेंडरी मार्केट में बेचे गए बॉन्ड पर कैपिटल गेन टैक्स लागू होगा।
- ITR फाइलिंग की समय सीमा बढ़ी
नॉन-ऑडिट टैक्सपेयर्स के लिए ITR फाइलिंग की समय सीमा अब 31 अगस्त तक बढ़ा दी गई है। इसमें व्यवसाय और ट्रस्ट शामिल हैं।
- डिविडेंड और म्यूचुअल फंड आय
अब डिविडेंड और म्यूचुअल फंड से होने वाली आय पर ब्याज खर्च की कटौती की अनुमति नहीं होगी, चाहे निवेश लोन से किया गया हो या नहीं।
- बच्चों की शिक्षा भत्ता बढ़ा
चिल्ड्रन एजुकेशन अलाउंस अब प्रति बच्चे Rs 3,000 प्रति माह होगा, जो पहले Rs 100 प्रति माह था।
