नई दिल्ली. नेपाल और तिब्बत में आई भीषण Flash Flood के बाद हालात लगातार गंभीर बने हुए हैं। इस प्राकृतिक आपदा में अब तक 392 लोगों की मौत की जानकारी सामने आई है, जबकि भारत समेत बड़ी संख्या में लोग अब भी लापता हैं। नेपाल में आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण कई इलाकों में भारी तबाही हुई है और राहत एवं बचाव अभियान लगातार जारी है। इसी बीच भारत सरकार ने नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित वापस लाने के लिए अपने प्रयास तेज कर दिए हैं।
नेपाल में 290 भारतीय नागरिकों से संपर्क नहीं
विदेश मंत्रालय के मुताबिक नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में मौजूद 290 भारतीय नागरिकों से फिलहाल संपर्क नहीं हो पा रहा है। इनमें Hydropower Project में काम करने वाले कर्मचारी और अलग-अलग राज्यों से नेपाल घूमने गए Tourist Groups के लोग शामिल हैं। भारत सरकार नेपाल प्रशासन के साथ लगातार संपर्क में है और इन लोगों की स्थिति का पता लगाने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है।
विदेश मंत्री एस जयशंकर ने कहा है कि भारतीय नागरिकों की स्थिति और उनकी सुरक्षा की जानकारी हासिल करने के लिए तत्काल प्रयास किए जा रहे हैं। विदेश मंत्रालय नेपाल सरकार के अलावा संबंधित मंत्रालयों, राज्य सरकारों, Tour Operators और अन्य अधिकारियों के साथ मिलकर काम कर रहा है।
भारत ने अब तक 84 भारतीयों को बचाया
नेपाल में राहत और बचाव अभियान के दौरान भारत ने अब तक 84 भारतीय नागरिकों को सुरक्षित बाहर निकाला है। इनमें त्रिशूली-I Run-of-the-River Hydroelectric Project में काम करने वाले 63 कर्मचारी शामिल हैं। इसके अलावा तमिलनाडु के 21 लोगों को भी सुरक्षित बचाया गया है।
भारत सरकार की प्राथमिकता फिलहाल उन भारतीय नागरिकों का पता लगाना है, जिनसे संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके लिए नेपाल के प्रभावित क्षेत्रों में स्थानीय प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के साथ समन्वय किया जा रहा है।
विदेश मंत्रालय ने बनाया 24 घंटे का Control Room
भारतीय नागरिकों की मदद और उनकी सुरक्षित वापसी के लिए विदेश मंत्रालय ने 24 घंटे चलने वाला Control Room भी स्थापित किया है। इसके जरिए नेपाल में फंसे भारतीयों और उनके परिवारों को जानकारी उपलब्ध कराने के साथ-साथ लापता लोगों का पता लगाने और Evacuation Operation में मदद की जा रही है।
सरकार का प्रयास है कि प्रभावित क्षेत्रों में फंसे भारतीय नागरिकों की जल्द से जल्द पहचान कर उन्हें सुरक्षित स्थानों तक पहुंचाया जाए और इसके बाद भारत वापस लाया जाए।
नेपाल और तिब्बत में 392 लोगों की मौत
नेपाल और तिब्बत में आई इस विनाशकारी बाढ़ से मरने वालों की संख्या बढ़कर 392 हो गई है। इनमें 389 लोगों की मौत नेपाल में हुई है, जबकि पड़ोसी तिब्बत में तीन लोगों की जान गई है। इसके अलावा दोनों क्षेत्रों में कुल 1,468 लोग अभी भी Missing बताए जा रहे हैं।
नेपाल के अधिकारियों के अनुसार वहां 910 लोग लापता हैं, जबकि तिब्बत में 558 लोगों का अब तक पता नहीं चल सका है। Rescue Teams नदी किनारे, मलबे में दबे इलाकों और अलग-अलग बस्तियों में लगातार Search Operation चला रही हैं।
नई Barrier Lake से बढ़ी चिंता
आपदा के बीच Bhote Koshi River System के स्रोत के पास एक नई Barrier Lake बनने से चिंता और बढ़ गई है। आशंका है कि अगर इस झील का पानी अचानक बाहर निकलता है तो एक और तेज जलप्रवाह आ सकता है, जिससे पहले से प्रभावित इलाकों में स्थिति और खराब हो सकती है।
इस संभावित खतरे को देखते हुए Nepalese Security Personnel ने प्रभावित जिलों से 800 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाया है। प्रशासन की कोशिश है कि संभावित खतरे वाले इलाकों में रहने वाले लोगों को समय रहते सुरक्षित निकाला जा सके।
भारत-नेपाल के बीच लगातार Coordination
नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों को सुरक्षित निकालने के लिए भारत और नेपाल के अधिकारियों के बीच लगातार Coordination किया जा रहा है। विदेश मंत्रालय राज्य सरकारों, नेपाल प्रशासन और अन्य संबंधित एजेंसियों के साथ मिलकर प्रभावित भारतीयों की जानकारी जुटा रहा है।
बाढ़ से कई इलाकों में सड़क और अन्य परिवहन व्यवस्था प्रभावित हुई है, जिससे Rescue और Evacuation Operation चुनौतीपूर्ण बना हुआ है। इसके बावजूद भारत सरकार का कहना है कि नेपाल में फंसे भारतीय नागरिकों की सुरक्षित वापसी के लिए सभी जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं।

