नई दिल्ली. केंद्रीय कृषि एवं किसान कल्याण मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि वर्ष 2025 में भारत का चावल उत्पादन 150 मिलियन टन से अधिक हो गया है। उन्होंने इसे देश के कृषि क्षेत्र के लिए एक बड़ी उपलब्धि बताया।
चीन को पीछे छोड़ भारत बना नंबर-1
आईसीएआर (ICAR) द्वारा विकसित 25 फसलों की 184 नई उन्नत किस्मों के लोकार्पण के अवसर पर कृषि मंत्री ने कहा कि भारत ने चावल उत्पादन के मामले में चीन को पीछे छोड़ दिया है। इसके साथ ही भारत दुनिया के अग्रणी Rice Exporting Country के रूप में उभरकर सामने आया है।
बीते 10 साल में 3200 से ज्यादा नई बीज किस्में
शिवराज सिंह चौहान ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में 3200 से अधिक नई Seed Varieties विकसित की गई हैं। इन किस्मों में—
अधिक उत्पादन क्षमता
कम पानी में बेहतर उपज
रोग और कीट प्रतिरोधक गुण
जलवायु परिवर्तन के अनुकूल विशेषताएं
शामिल हैं, जिससे किसानों की आय बढ़ाने में मदद मिल रही है।
किसानों तक योजनाएं पहुंचाने पर जोर
कृषि मंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य है कि कृषि से जुड़ी सभी सरकारी योजनाएं अगले 3 वर्षों के भीतर देश के हर किसान तक पहुंचें। इसके लिए डिजिटल प्लेटफॉर्म, राज्य सरकारों के सहयोग और वैज्ञानिकों की भागीदारी के जरिए काम किया जा रहा है।
खाद्य सुरक्षा और निर्यात को मिलेगी मजबूती
विशेषज्ञों के अनुसार, चावल उत्पादन में यह रिकॉर्ड वृद्धि—
Food Security of India को मजबूत करेगी
Rice Export को नई ऊंचाई देगी
किसानों की आय और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगी
सरकार का फोकस अब High Yield Crops, Sustainable Agriculture और Farmer Welfare Schemes के प्रभावी क्रियान्वयन पर है।
