नई दिल्ली. वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल ने कहा है कि India-US interim trade agreement निष्पक्ष, संतुलित और भारत के हितों के अनुरूप है। उन्होंने स्पष्ट किया कि इस समझौते में farmers’ interests को पूरी तरह सुरक्षित रखा गया है। जिन कृषि और डेयरी उत्पादों का भारत में पर्याप्त उत्पादन होता है — जैसे maize, wheat, rice, sugar, soybean और poultry — उन्हें tariff concessions से बाहर रखा गया है।
नई दिल्ली में India-US Joint Statement पर मीडिया को जानकारी देते हुए मंत्री ने कहा कि यह समझौता exports को बढ़ाने, employment generation को प्रोत्साहित करने और “Viksit Bharat 2047” के लक्ष्य को आगे बढ़ाने में मदद करेगा।
टैरिफ अब घटकर 18% रह गया
उन्होंने बताया कि पहले भारतीय निर्यात पर लगने वाला 50% reciprocal tariff अब घटकर 18% रह गया है। इससे भारत को China, Pakistan, Bangladesh और Vietnam जैसे पड़ोसी देशों की तुलना में कम टैरिफ दर का लाभ मिलेगा।
सरकार के अनुसार, इस trade deal में कृषि और डेयरी क्षेत्रों की सुरक्षा सुनिश्चित की गई है, जबकि spices, tea, coffee, cashew nuts, chestnuts, avocado, banana, mango, kiwi और papaya जैसे कई कृषि उत्पादों पर अमेरिका में zero duty लागू होगी। इससे भारतीय agricultural exports को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है।
पीयूष गोयल ने कहा कि सरकार आने वाले वर्षों में India-US bilateral trade को लगभग 45 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचाने का लक्ष्य रखती है। उन्होंने निवेशकों से नए अवसरों का लाभ उठाने की अपील की। मंत्री ने यह भी कहा कि इस समझौते से MSMEs, artisans, weavers और export-oriented sectors से जुड़े युवाओं को विशेष रूप से फायदा होगा।
