नई दिल्ली: भारत के समुद्री उत्पाद (Seafood) निर्यात ने पिछले 11 वर्षों में लगातार मजबूत वृद्धि दर्ज की है। कृषि, पशुपालन और डेयरी मंत्रालय के अनुसार, इस अवधि में औसत वार्षिक वृद्धि दर 7% रही है। मंत्रालय ने बताया कि Marine Product Exports 2013‑14 में 30,000 करोड़ रुपये से बढ़कर 2024‑25 में 62,000 करोड़ रुपये से अधिक हो गए हैं।
350 से अधिक प्रकार के उत्पाद, 130 से अधिक वैश्विक बाजारों में निर्यात
भारत के समुद्री उत्पाद निर्यात की विशाल और विविध श्रृंखला है। मंत्रालय के अनुसार, 350 से अधिक उत्पादों को दुनिया के लगभग 130 बाजारों में भेजा गया। इस विविधता ने भारत को वैश्विक स्तर पर विश्वसनीय seafood exporter के रूप में स्थापित किया है।
मछली पालन क्षेत्र: रोजगार, निर्यात और खाद्य सुरक्षा में अहम योगदान
Fisheries Sector ने बढ़ाया आर्थिक और सामाजिक महत्व मंत्रालय ने बताया कि भारत का fisheries sector न केवल निर्यात आय बढ़ा रहा है, बल्कि रोजगार के अवसर और सतत आजीविका भी प्रदान कर रहा है। इसके अलावा, यह क्षेत्र खाद्य सुरक्षा सुनिश्चित करने और ग्रामीण और तटीय समुदायों की जीवन-शैली सुधारने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहा है।
निर्यात में निरंतर बढ़ोतरी का संकेत
आगे की राह में संभावनाएं और मजबूत होती जा रही हैं। बीते दशक में निर्यात में दोहरे विकास ने संकेत दिया है कि भारत का seafood sector वैश्विक बाजार में सुधार और विस्तार दोनों के लिए तैयार है। विशेषज्ञों के अनुसार, तकनीकी नवाचार, उच्च गुणवत्ता मानक और सतत प्रबंधन आगे निर्यात को और मजबूत करने में मदद करेंगे।
