नई दिल्ली. राजस्थान के जैसलमेर जिले के नाचना क्षेत्र में, जो Indira Gandhi Canal से सिंचित है, वहां कृषि का स्वरूप तेजी से बदल रहा है। कभी पारंपरिक फसलों जैसे बाजरा, मूंग, मोठ और ग्वार के लिए पहचाना जाने वाला यह क्षेत्र अब groundnut (मूंगफली) farming hub बनता जा रहा है। पिछले आठ वर्षों में मूंगफली की लगातार बेहतर पैदावार ने किसानों की आय में उल्लेखनीय बढ़ोतरी की है।
रेतीले इलाकों में भी बंपर उत्पादन
नाचना क्षेत्र के किसानों के अनुसार, नहरी सिंचाई और अनुकूल मौसम के कारण:
एक बीघा में औसतन 8 से 10 क्विंटल मूंगफली उत्पादन
खेती पर खर्च लगभग 18,000 से 20,000 रुपये प्रति बीघा
लागत के मुकाबले बेहतर profit margin
समय पर सिंचाई और सही मौसम इस फसल की सफलता का मुख्य कारण माना जा रहा है।
किसानों के लिए बनी भरोसेमंद Cash Crop
पहले जहां मूंगफली की खेती सीमित स्तर पर होती थी, वहीं अब यह क्षेत्र की एक reliable cash crop बन चुकी है।
किसानों ने प्रयोग के तौर पर इसकी शुरुआत की थी, लेकिन बेहतर परिणाम मिलने के बाद इसका रकबा लगातार बढ़ता गया।
अब आसपास के गांवों के किसान भी खरीफ सीजन में groundnut cultivation को प्राथमिकता दे रहे हैं।
खेती का बढ़ता दायरा और नई उम्मीदें
कृषि विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यही रुझान जारी रहा तो नाचना क्षेत्र जल्द ही पश्चिमी राजस्थान का प्रमुख peanut production belt बन सकता है।
बेहतर सिंचाई सुविधाओं और तकनीकी खेती के कारण यहां कृषि आधारित अर्थव्यवस्था मजबूत हो रही है।
MSP खरीद सीमा को लेकर किसानों की मांग
स्थानीय किसानों का कहना है कि सहकारी समितियों द्वारा Minimum Support Price (MSP) पर खरीद की जाती है, लेकिन प्रति किसान 40 क्विंटल की सीमा होने से पूरा लाभ नहीं मिल पाता। किसानों की मांग है कि यदि यह सीमा बढ़ाकर 80 क्विंटल की जाए तो उनकी आय में और वृद्धि हो सकती है। किसान लतीफ शेख के अनुसार, बेहतर उत्पादन के बावजूद खरीद सीमा एक बड़ी बाधा है।
कृषि आय में सुधार की दिशा में बदलाव
नहरी पानी की नियमित उपलब्धता के कारण किसानों का भरोसा मूंगफली की खेती पर लगातार बढ़ रहा है।
अधिक किसान खेती की ओर आकर्षित हो रहे हैं
खरीफ सीजन में मूंगफली का रकबा बढ़ रहा है
आने वाले वर्षों में उत्पादन और बढ़ने की संभावना
जैसलमेर का नाचना क्षेत्र अब यह साबित कर रहा है कि अगर पानी और तकनीक साथ हो तो रेतीले धोरों में भी high-value farming संभव है। मूंगफली की खेती ने यहां किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत किया है और यह क्षेत्र धीरे-धीरे राजस्थान के एक नए agricultural success model के रूप में उभर रहा है।
