नई दिल्ली. उत्तर प्रदेश के जेवर में बने नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट का नाम बदलकर Narendra Modi International Airport, Noida-Jewar करने के प्रस्ताव को योगी आदित्यनाथ सरकार की कैबिनेट ने मंजूरी दे दी है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को इसकी घोषणा की। यह एयरपोर्ट प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने और देश के प्रमुख Aviation Hub के रूप में विकसित करने की योजना का अहम हिस्सा है।
योगी आदित्यनाथ ने की नाम बदलने की घोषणा
उत्तर प्रदेश के गौतम बुद्ध नगर जिले के जेवर में स्थित Noida International Airport को अब Narendra Modi International Airport, Noida-Jewar के नाम से जाना जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को मीडिया को संबोधित करते हुए बताया कि राज्य मंत्रिमंडल ने एयरपोर्ट का नाम बदलने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार और मंत्रिपरिषद इस एयरपोर्ट के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के प्रति आभार व्यक्त करती है। उन्होंने एयरपोर्ट को प्रदेश के लिए एक महत्वपूर्ण परियोजना बताते हुए कहा कि आने वाले समय में यह उत्तर प्रदेश के सबसे बड़े हवाई अड्डों में शामिल होगा और देश के प्रमुख Aviation Hub के रूप में अपनी भूमिका निभाएगा।
28 मार्च को प्रधानमंत्री मोदी ने किया था उद्घाटन
जेवर एयरपोर्ट का उद्घाटन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च 2026 को किया था। इसके बाद 15 जून को लखनऊ से आई IndiGo की उड़ान ने यहां पहली बार लैंडिंग की थी। एयरपोर्ट के निर्माण का उद्देश्य दिल्ली-एनसीआर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश में हवाई यात्रा की बढ़ती जरूरतों को पूरा करना और यात्रियों को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
इस परियोजना को Yamuna International Airport Private Limited ने विकसित किया है, जो स्विट्जरलैंड की कंपनी Zurich Airport International AG की सहायक इकाई है। परियोजना में Noida International Airport Limited की भी भूमिका है, जो उत्तर प्रदेश सरकार की ओर से इसके क्रियान्वयन से जुड़ी एजेंसी है।
11,282 करोड़ रुपये की लागत से तैयार हुआ पहला चरण
जेवर एयरपोर्ट के पहले चरण को लगभग 11,282 करोड़ रुपये की लागत से विकसित किया गया है। इसकी शुरुआती वार्षिक यात्री क्षमता करीब 1.2 करोड़ यात्रियों की बताई गई है। भविष्य में विस्तार के बाद इसकी क्षमता बढ़ाकर सात करोड़ यात्रियों तक करने की योजना है।
एयरपोर्ट पर 3,900 मीटर लंबा रनवे बनाया गया है, जो Wide-body Aircraft यानी बड़े आकार के विमानों के संचालन के लिए सक्षम है। इसके साथ ही आधुनिक Navigation Systems लगाए गए हैं, ताकि विमान संचालन और हवाई यातायात प्रबंधन को बेहतर बनाया जा सके।
एयर, रोड और अन्य परिवहन साधनों से जोड़ने की योजना
Noida International Airport को एक Multimodal Transport Hub के रूप में विकसित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य हवाई यात्रा के साथ सड़क और परिवहन के अन्य साधनों के जरिए भी यात्रियों को बेहतर कनेक्टिविटी उपलब्ध कराना है। एयरपोर्ट की रणनीतिक स्थिति के कारण दिल्ली-एनसीआर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को भविष्य में अतिरिक्त हवाई यात्रा विकल्प मिल सकते हैं।
एयरपोर्ट पर यात्रियों की सुविधा के साथ सुरक्षा और तकनीकी व्यवस्थाओं पर भी ध्यान दिया गया है। इसके रनवे के दोनों सिरों पर Instrument Landing System (ILS) लगाया गया है। इस तकनीक की मदद से मौसम और हवा की परिस्थितियों के अनुसार विमानों को रनवे के किसी भी छोर से उतरने के लिए मार्गदर्शन दिया जा सकता है।
उत्तर प्रदेश के Aviation Sector के लिए क्यों अहम है जेवर एयरपोर्ट?
जेवर एयरपोर्ट को उत्तर प्रदेश में हवाई कनेक्टिविटी बढ़ाने और क्षेत्रीय आर्थिक गतिविधियों को प्रोत्साहित करने वाली प्रमुख परियोजनाओं में गिना जा रहा है। इसके विस्तार से यात्रियों की बढ़ती मांग को पूरा करने, विमानन क्षेत्र से जुड़े कारोबार को बढ़ावा देने और परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने की संभावनाएं हैं।
एयरपोर्ट का नाम बदलने के प्रस्ताव को कैबिनेट की मंजूरी मिलने के बाद अब Narendra Modi International Airport, Noida-Jewar नाम चर्चा में है। नाम परिवर्तन की औपचारिक प्रक्रिया और इससे जुड़े अगले कदमों की जानकारी संबंधित सरकारी घोषणाओं के आधार पर स्पष्ट होगी।
