कांगड़ा(इंदौरा). आइये आपको एक ऐसे कार्यालय की कहानी बताते हैं कि जो पूरी तरह से खुला रहता है पर उसे चलाने वाले लोग अदृश्य रहते हैं. हर कमरा खुला रहता है, बिजली चालु रहती है, कंप्यूटर चालु रहते हैं पर आपको किसी अधिकारी या कर्मचारी के दर्शन नहीं होंगे. यह कहानी है कृषि विभाग के फतेहपुर कार्यालय की. जहां चार बजते-बजते कार्यालय में काम करने वाले अधिकारी-कर्मचारी गायब हो जाते हैं. वहीं उनके इंतजार में घंटो बैठते हैं 25 से 30 किलोमीटर दूर से आने वाले किसान. यह हालत तब है जब इसी क्षेत्र से प्रदेश के कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया ने चुनाव लड़ा, जीते और कृषि मंत्री बने.

किसानों ने बताया कि वह लोग दूर-दराज इलाकों से यहां अपनी समस्याओं के समाधान के लिए आते हैं वहीं अधिकारी अक्सर गायब रहते हैं. एक किसान ने बताया कि वह कुछ दिन पहले यहां बीज लेने पहुंचे थे लेकिन 4 बजे ही कार्यालय में ताला लगा हुआ था. दूसरे किसान ने कहा कि वह कुछ दिन पहले भी आए थे उन्हें दवाई छिड़काव करने के लिए टंकी लेनी थी पर जब वह पहुंचते हैं तो कार्यालय में कोई अधिकारी नहीं मिलता.

पत्रकारों ने की कार्यालय का अवलोकन

इस लापरवाही और कामचोरी की खबर जब पत्रकारों को लगी तो उन्होंने मंगलवार को ठीक शाम चार बजे कार्यालय पहुंचे. जैसे पत्रकारों की टीम पहुंची वह हैरान रह गए. पत्रकारों ने देखा कि कार्यालय पूरी तरह से खुला हुआ है. दरवाजे के बाहर किसान इंतजार में बैठे हैं. पर अंदर कोई नहीं है, पूरे कार्यलय भवन से अधिकारी और कर्मचारी लुप्त हो गए थे. हर कमरे की जांच की गई, सभी फाइलें, कंप्यूटर सब खुले हुए हैं पर उन्हें देखने वाला कोई न था. और सबसे बड़े ताज्जूब की बात ये है कि यह सब हो रहा है फतेहपुर विधानसभा में जहां से खुद प्रदेश के कृषि मंत्री आते हैं.

मंत्री ने कहा कार्रवाई की जाएगी

कृषि कार्यलय फतेहपुर में तैनात मुख्य अधिकारी एस.एम.एस रविन्द्र शर्मा को इस संबंध में बार-बार फोन करने पर भी उन्होंने फोन नहीं उठाया. वहीं कृषि मंत्री सुजान सिंह पठानिया से इस संबंध बात की तो उन्होंने कहा कि अगर समय से पहले अधिकारी या कर्मचारी कार्यलय को खुले छोड़कर भाग जाते हैं तो इसकी जांच की जाएगी. अगर ड्यूटी के समय से पहले घर जाने या कोताही बरतने का मामला पाया जाता है तो दफ्तर में तैनात स्टाफ के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी.